
अलीगढ़ के छर्रा इलाके में 29 जुलाई को यूसुफ नाम के युवक अचानक लापता हो गए। परिवार ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। यूसुफ का मोबाइल भी बंद था, जिससे परिवार की चिंता बढ़ गई। गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई गई, लेकिन किसी को नहीं पता था कि यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा है।
भयानक हालत में मिला शव
एक सप्ताह बाद कासगंज जिले के ढोलना इलाके में एक अधजला शव मिला। शव की हालत इतनी खराब थी कि चेहरे की पहचान करना मुश्किल था। शव को तेजाब से जलाया गया था ताकि उसकी पहचान न हो सके। पुलिस ने शव की फोटो और जानकारी छर्रा थाने से मिलाई, तो यूसुफ की ही पहचान हुई। यह खबर यूसुफ के परिवार के लिए बड़ी सदमा थी।
परिवार का शक और खुलासा
यूसुफ के पिता भूरे खां ने बताया कि उन्हें पहले से ही अपनी बहू तबस्सुम के व्यवहार पर शक था। तबस्सुम मोबाइल पर ज्यादा समय बिताती थी और अक्सर घर में झगड़े करती थी। यूसुफ की मौत के बाद तबस्सुम और उसके प्रेमी दानिश दोनों घर से गायब हो गए। परिवार ने पुलिस को इसकी सूचना दी।
जादू-टोने का खुलासा
पुलिस ने तबस्सुम के कमरे की तलाशी ली, जहाँ ताबीज़, पर्चियां, काले धागे और अन्य टोटकों में इस्तेमाल होने वाली चीजें मिलीं। इन सबका इस्तेमाल यूसुफ को अपने वश में करने के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने बताया कि तबस्सुम ने दानिश के साथ मिलकर यूसुफ की हत्या की साजिश रची।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
DSP धनंजय सिंह ने बताया कि तबस्सुम को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। दानिश और अन्य आरोपियों की खोज जारी है। पूछताछ में तबस्सुम ने माना कि वह यूसुफ से परेशान थी और दानिश के साथ रहना चाहती थी। उसने तलाक के बजाय हत्या का रास्ता चुना। यह मामला प्रेम, विश्वासघात और जादू-टोने की साजिश का भयानक सच सामने लाया है।