
एयर इंडिया विमान हादसे के बाद से आम जनता के मन में दहशत बरकरार है। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बैठकों को दौर जारी है। इस बीच केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय और टाटा संस व एयर इंडिया के चेयरमैन एन चंद्रशेखकरन के बीच अहम बैठक हुई है। इस दौरान सरकार की ओर से तीन अहम सुझाव सामने आए हैं। सरकार की ओर से पहला सुझाव है कि एयर इंडिया के सभी विभाग अपनी जिम्मेदारी को उठाए। अपनी गलती किसी और पर थोपने की कोशिश न करें। वहीं सुरक्षा के मामले में फैसला अहम पदों पर बैठे लोग खुद लें। इसे किसी अन्य के हाल पर न छोड़ा जाए। वहीं तीसरा सुझाव फ्लाइट के रखरखाव को लेकर सामने आया। सरकार ने स्पष्ट कहा कि खानापूर्ति से काम नहीं चलेगा। इस बैठक में अहमदाबाद हादसे के साथ कई अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई।
फैसला कोई और ले रहा
इस बैठक में केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू, सचिव समीर कुमार सिन्हां और डीजीसीए के चीफ फैज अहमद किदवई ने शुक्रवार को एयर इंडिया के चेयरमैन चंद्रशेखरन से अहम मुलाकात की। यहां पर सभी सुझावों को लागू करने की बात कही गई। मीटिंग का सार ये निकलकर सामने आया कि विमान के कई विभागों में सिर्फ खानापूर्ति जारी है। यहां पर पदों पर कोई बैठा हुआ है, फैसला कोई और लेता है।
कई अन्य हादसों का हुआ जिक्र
12 जून को एयर इंडिया 171 विमान हादसे का शिकार हो गया था। इस हादसे विमान में सवार 241 लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। इसके अलावा अन्य हादसों को लेकर सीईओ कैंपबेल विल्सन के साथ उच्च स्तरीय चर्चा हुई। चंद्रशेखररन के साथ हुई बैठक में इन बातों का जिक्र हुआ कि जांच के दौरान एयर इंडिया के कई अफसरों ने कुछ खास बातें बताईं। सामने आया कि कुछ लोगों को बलि का बकरा बनाया गया। अहमदाबाद हादसे के बाद 21 जून को डीजीसीए ने एयर इंडिया के तीन अफसरों को हटाने का निर्देश दिया। इन पर लाइसेंसिंग, रेस्ट आदि में लापरवाही का आरोप लगाया।