
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश और जगह-जगह भूस्खलन व पत्थर गिरने की घटनाओं की वजह से कई राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य प्रमुख सड़कों को बंद कर दिया है। ट्रैफिक पुलिस मुख्यालय, जम्मू/श्रीनगर की ओर से 27 अगस्त के लिए एक अहम ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) पर भूस्खलन और भारी बरसात के कारण यातायात पूरी तरह से बंद किया गया है। इस मार्ग पर जगह-जगह से पत्थरों और खराब मौसम के कारण हालात बेहद खतरनाक बने हुए हैं। जम्मू-पठानकोट एनएचडब्ल्यू को लेकर बुधवार को सड़क के हालात का मूल्यांकन करने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। लोगों से अपील की गई है, मौसम ठीक होने तक रास्ता पूरी तरह साफ होने तक यात्रा से बचें।
मार्ग वाहनों के लिए बंद कर दिया
किश्तवाड़-सिंथन-अनंतनाग राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-244) में वर्तमान में बंद है। यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि इस मार्ग पर यात्रा न करें। श्रीनगर-सोनमर्ग-गुमरी मार्ग पर बाजरी नाले के पास भारी भूस्खलन है. इसके कारण यह मार्ग भी वाहनों के लिए बंद कर दिया है। मुगल रोड भी भूस्खलन और फिसलते पत्थरों की वजह से बंद किया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे प्रशासन की ओर से जारी किए गए मार्गदर्शन का पालन करें. अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। केन्द्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुए भूस्खलन में श्रद्धालुओं की मृत्यु पर दुख जताया है।
जनहानि की खबर सुनकर काफी दुखी हूं
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन से हुई जनहानि की खबर सुनकर काफी दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। ओम शांति। अर्धकुंवारी में भूस्खलन के एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, 'मैं पीछे खड़ा था जबकि कई लोग मेरे आगे थे, तभी अचानक पहाड़ टूट गया और वे दब गए। मंजर इतना खतरनाक था कि सोचने मात्र से लोग डर जाएं।