
Allahabad High Court: उत्तर प्रदेश के मऊ से विधायक और माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने आचार संहिता उल्लंघन के मामले में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। यह मामला बिना अनुमति सभा करने और प्रशासन को चुनाव बाद धमकी देने से जुड़ा है। अब्बास अंसारी की याचिका पर जस्टिस समीर जैन की एकल पीठ ने सुनवाई की और अगली तारीख 31 दिसंबर 2025 तय की गई है।
धमकी का आरोप
आरोप है कि 3 मार्च 2022 को अब्बास अंसारी ने मऊ के पहाड़पुरा मैदान में बिना अनुमति जनसभा की थी, जहां उन्होंने बड़ी भीड़ जुटाई और मंच से चुनाव बाद प्रशासनिक अधिकारियों को “सबक सिखाने” की धमकी दी थी। इस बयान को आचार संहिता का उल्लंघन माना गया और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। इस घटना के अगले दिन यानी 4 मार्च 2022 को सब-इंस्पेक्टर गंगाराम बिंद ने कोतवाली थाने में FIR दर्ज कराई थी।
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FIR में 150 अज्ञात लोग भी शामिल
एफआईआर में अब्बास अंसारी के अलावा उनके छोटे भाई उमर अब्बास अंसारी और करीब 150 अज्ञात लोगों के नाम दर्ज किए गए थे। अब्बास अंसारी की ओर से अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने कोर्ट में पक्ष रखा। वहीं, इस बीच विधानसभा सचिवालय ने 8 सितंबर 2025 को अब्बास अंसारी की सदस्यता बहाल करने का आदेश भी जारी किया था। फिलहाल, हाईकोर्ट के इस आदेश से अब्बास अंसारी को अस्थायी राहत मिल गई है और मामले की अगली सुनवाई 1 दिसंबर को होगी।