उत्तर प्रदेश सरकार की स्वीकृति से मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुए बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले 7 खिलाड़ियों को विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्ति दी जाएगी. इस सूची में क्रिकेटर रिंकू सिंह के साथ छह और प्रतिभाशाली खिलाड़ी शामिल हैं. इस पहल के तहत सरकार ने चुनिंदा पदों पर इन खिलाड़ियों की सीधी भर्ती का फैसला किया है, जिससे उन्हें अपने खेलों के प्रति योगदान के लिए सरकारी मान्यता और सुरक्षा प्राप्त होगी.
उत्तर प्रदेश सरकार की चयन समिति ने हाल ही में मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक में 7 अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को अलग-अलग विभागों में सरकारी नियुक्ति देने की सिफारिश की है. इसमें युवा क्रिकेटर रिंकू सिंह के साथ-साथ छह अन्य खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्हें सीधी भर्ती नियम 2022 के तहत सरकारी नौकरी दी गई है.
किसे मिलेगा कौन सा विभाग?
उत्तर प्रदेश सरकार की चयन प्रक्रिया के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता सात खिलाड़ियों को सरकारी विभागों में नियुक्ति दी गई है.
पैरा एथलीट अजीत सिंह और सिमरन को पंचायती राज विभाग में जिला पंचायती राज अधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया. पैरा एथलीट प्रीति पाल को ग्रामीण विकास विभाग में खंड विकास अधिकारी बनाया गया. किरन बालियान, जो विश्व स्तरीय प्रदर्शन से सम्मानित हैं, उन्हें वन विभाग में क्षेत्रीय वन अधिकारी के रूप में तैनात किया जाएगा.
रिंकू सिंह को कौन सा विभाग मिला?
क्रिकेटर रिंकू सिंह को उत्तर प्रदेश सरकार में District Basic Education Officer (BSA) के पद पर बेसिक एजुकेशन विभाग में नियुक्त किया गया है.
इन नियुक्तियों के पीछे सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को खेल के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी सशक्त अवसर प्रदान करना है.
उत्तर प्रदेश सरकार की अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी विभागों में सीधी भर्ती देने की पहल में अब नियम और शर्तों का भी स्पष्ट खाका सामने आया है.
प्रमोशन के लिए शर्तें, नियम और कार्यप्रणाली
1. शैक्षणिक दस्तावेज़ सत्यापन— सभी खिलाड़ियों से शैक्षणिक योग्यता के प्रमाणों की जानकारी मांगी जाएगी, जैसे कि न्यूनतम 10वीं कक्षा पास होना आवश्यक है.
2. सात साल की समय सीमा— नियुक्ति के 7 सालों के भीतर चयनित खिलाड़ियों को संबंधित विभागों की सभी आवश्यक योग्यता और कार्य सम्बन्धी अनिवार्य शर्तें पूरी करनी होंगी. अगर यह शर्त पूरी नहीं की जाती है, तो उन्हें पदोन्नति का लाभ नहीं मिलेगा.
3.औपचारिक नियुक्ति प्रक्रिया शुरू— विभागों ने भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत औपचारिकताएं शुरू कर दी हैं. क्रिकेटर रिंकू सिंह को भी दस्तावेज जमा करने के लिए पत्र भेजा गया है.
इस पहल का उद्देश्य न केवल खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी प्रदान करना है, बल्कि उन्हें दीर्घकालिक रोज़गार सुरक्षा और पदोन्नति की संभावनाएं सुनिश्चित करना भी है, बशर्ते वो निर्धारित मानदंड पूरे करते रहें.