Amarnath yatra 2025: अमरनाथ यात्रा 2025 की भव्य शुरुआत हो चुकी है। पहले जत्थे ने जम्मू से रवाना होकर भगवान शिव के पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर में पहुंचकर बाबा बर्फानी के दर्शन किए। श्रद्धा, आस्था और भक्ति के इस अद्भुत संगम में हजारों श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ शामिल हो रहे हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी सुरक्षा, सुविधा और सेवा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कड़ी सुरक्षा के बीच कराए गए दर्शन
जम्मू स्थित भगवती नगर बेस कैंप से पहला जत्था सेना, पुलिस और प्रशासन की निगरानी में रवाना हुआ। रास्ते भर श्रद्धालुओं का फूलों से स्वागत किया गया। बाबा बर्फानी के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। अमरनाथ यात्रा दो प्रमुख मार्गों से होती है – एक पहलगाम से और दूसरा बालटाल से। दोनों रास्तों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिसमें सीआरपीएफ, सेना और स्थानीय पुलिस की टीमें तैनात हैं।
पहले दर्शन पाकर भाव विभौर हुए श्रद्धालु
श्रद्धालु कठिन और दुर्गम रास्तों को पार कर जब 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गुफा में पहुंचते हैं, तो बाबा बर्फानी के हिमलिंग के दर्शन करके उनका मन भाव-विभोर हो जाता है। ऐसा माना जाता है कि यही वह गुफा है जहाँ भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य बताया था। इस यात्रा को करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
जम्मू प्रशासन ने सभी इंतजाम किये पुख्ता
प्रशासन की ओर से लंगर, चिकित्सा सहायता, मोबाइल टॉयलेट्स और हेलिकॉप्टर सेवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। मौसम की निगरानी के लिए विशेष टीम तैनात है और समय-समय पर श्रद्धालुओं को सलाह दी जा रही है कि वे मौसम के अनुसार अपनी यात्रा करें। अमरनाथ यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक एकता और श्रद्धा की प्रतीक भी है। पहले जत्थे के सफल दर्शन के साथ ही यह यात्रा भक्तों के लिए एक बार फिर आस्था और विश्वास की मिसाल बन गई है।