30 जून 2026 को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अमरनाथ यात्रा से ठीक पहले एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया। 20 साल से पाक आतंकियों की मदद कर रहा हाजी लतीफ कठुआ से गिरफ्तार हुआ। हाजी लतीफ 20 से अधिक साल से जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों की मदद कर रहा था। जांच में सामने आया कि उसने कम-से-कम 12 पाकिस्तानी आतंकवादियों की जम्मू-कश्मीर में घुसने में मदद की। उनके रहने-खाने और आने-जाने का इंतज़ाम किया। लतीफ पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई सालों से संपर्क में था। घुसपैठ आसान बनाने और नेटवर्क सक्रिय रखने का आरोप है।
800 आतंकी तैयार
ऑपरेशन सिंदूर में मात खाने के बाद भी पाकिस्तान बाज नहीं आया है। कठुआ, सांबा, जम्मू, राजोरी, पुंछ, कुपवाड़ा की LoC/IB के पास 70 लॉन्चिंग पैड फिर सक्रिय किया है। 700-800 आतंकियों को फिदायीन हमले, रेलवे ट्रैक उड़ाने, सैन्य प्रतिष्ठानों और धार्मिक स्थानों को टारगेट करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। 2-3 आतंकियों के 15 ग्रुप 8-10 दिन के अंतराल में हीरानगर-अखनूर सेक्टर से घुसपैठ को तैयार हैं। अमरनाथ यात्रा इनका मुख्य टारगेट है।
यात्रा पर सीधा खतरा
फाल्कन स्क्वॉड नाम के पाकिस्तानी आतंकी संगठन ने सोशल मीडिया पर धमकी दी। "अमरनाथ यात्रा के रास्ते पर ऐसा खून-खराबा करेंगे कि पहाड़ भी कांप उठेंगे... हिंदुत्व की मानसिकता के दिल पर वार करेंगे"। शोपियां मस्जिद कार्रवाई का बदला लेने की बात कही। खुफिया एजेंसियां तकनीकी जांच कर रही हैं।
हाजी लतीफ की गिरफ्तारी
रातभर चले विशेष ऑपरेशन में कठुआ से पकड़ा गया। अमरनाथ यात्रा से पहले ये बड़ी कामयाबी है। 9 मई को जालंधर धमाकों के बाद पंजाब पुलिस ने जम्मू-कश्मीर को आगाह किया। "ISI कठुआ में भी हमला करा सकता है"। लखनपुर, माधोपुर, बमियाल बॉर्डर सील। यात्रा मार्ग पर AI आधारित मॉनिटरिंग, फेशियल रिकॉग्निशन कैमरे, QR कोड पहचान सिस्टम तैनात किया गया है।
पहलगाम हमले से कनेक्शन
पहलगाम हमले में भी स्थानीय मदद सामने आई थी। परवेज और बशीर ने आतंकियों को 5 घंटे पनाह दी, अमरनाथ यात्रा और सेना की तैनाती की जानकारी दी। 3000 लेकर रोटी-मसाले भी दिए। M4 राइफल 2024 के गगनगीर हमले में भी यूज हुई थी।हाजी लतीफ जैसे 20 साल पुराने ISI स्लीपर सेल को पकड़कर सुरक्षाबलों ने अमरनाथ यात्रा पर बड़े हमले की साजिश नाकाम की है। मगर 70 लॉन्चिंग पैड पर 800 आतंकी और फाल्कन स्क्वॉड की धमकी बताती है कि पाकिस्तान अभी भी यात्रा को निशाना बनाना चाहता है। AI कैमरे, बॉर्डर सील और लोकल नेटवर्क की तोड़फोड़ से यात्रा सुरक्षित करने की कोशिश जारी है।