क्या आपने कभी ऐसा आम का पेड़ देखा है, जिसकी हर डाल पर अलग स्वाद का आम लगा हो? लखनऊ में मौजूद एक अनोखा आम का पेड़ इन दिनों लोगों को हैरान कर रहा है। इस पेड़ पर एक-दो नहीं बल्कि 234 वैरायटी के आम उगाए गए हैं। कहीं दशहरी लटक रही है तो कहीं चौसा, तोतापरी और बादाम आम। वैज्ञानिक तकनीक से तैयार यह पेड़ अब बागवानी जगत में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
एक ही पेड़ पर 234 किस्मों का अनोखा संगम
लखनऊ स्थित ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture के रहमानखेड़ा परिसर में मौजूद यह पेड़ अपनी अनोखी बनावट और खासियत के कारण लोगों का ध्यान खींच रहा है। इस पेड़ की अलग-अलग शाखाओं पर अलग-अलग किस्मों के आम लगे हैं, जो देखने वालों को हैरानी में डाल देते हैं।
हर डाल पर बदल जाता है आम का स्वाद
इस पेड़ की सबसे खास बात यह है कि इसकी हर शाखा अलग पहचान रखती है। किसी डाल पर दशहरी आम दिखाई देता है तो दूसरी पर चौसा। वहीं कुछ शाखाओं पर तोतापरी, बैंगलपल्ली और दूसरी दुर्लभ किस्में भी लगी हुई हैं। एक ही पेड़ पर इतने स्वाद और आकार के आम देखना किसी अजूबे से कम नहीं माना जा रहा।
वैज्ञानिक तकनीक ने किया कमाल
करीब 55 साल पुराने इस पेड़ को विशेष ग्राफ्टिंग तकनीक के जरिए तैयार किया गया है। पहले इसकी ऊंचाई लगभग 52 फीट थी, लेकिन वैज्ञानिक तरीके से इसे छोटा और संतुलित बनाया गया। इसके बाद अलग-अलग वैरायटी की शाखाओं को जोड़कर यह अनोखा प्रयोग सफल किया गया।
बागवानी और किसानों के लिए नई उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीक भविष्य में किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। इससे कम जगह में ज्यादा वैरायटी उगाने का रास्ता खुलेगा और उत्पादन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। यह प्रयोग आधुनिक बागवानी के क्षेत्र में नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
रोगमुक्त पौधों पर भी हो रहा काम
संस्थान में फल फसलों के बेहतर और रोगमुक्त पौधे तैयार करने पर भी काम चल रहा है। आम, अमरूद, लीची और दूसरी फसलों के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध कराए जा सकें।