समंदर में बढ़ते खतरों और हॉर्मुस स्टेट को खुलवाने के लिए अमेरिका की अपनी घातक फोर्स नेवी सील्स को भी मोर्चे पर तैनात कर दिया है। नेवी सील्स किस तरह समुद्र से ग्राउंड ऑपरेशन चलाकर ईरान को दहला सकती है आइए इस रिपोर्ट में आपको दिखाते हैं। अमेरिका, इजराइल और ईरान की जंग में समंदर धधक रहा है।
ईरान के तट से 15 मील दूर स्थित एक रणनीतिक तेल केंद्र ह
ईरान के हॉर्मोज स्टेट को ब्लॉक करने से हालात विस्फोटक हो गए हैं। हॉर्मोज स्टेट से होकर दुनिया का करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल गुजरता है। इसलिए इस संकरे
समुद्री रास्ते को खुलवाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। खबर है कि ईरान पर दबाव बनाने के लिए अमेरिका खर्ग द्वीप पर कब्जा करने की रणनीति अपना सकता है। यह द्वीप ईरान के तट से 15 मील दूर स्थित एक रणनीतिक तेल केंद्र है।
90% कच्चे तेल के निर्यात की प्रोसेसिंग होती है
यहां पर ईरान के 90% कच्चे तेल के निर्यात की प्रोसेसिंग होती है। खर्ग पर कब्जा करने और होमोज स्टेट को खुलवाने के लिए अमेरिका की स्पेशल यूनिट नेवी सील्स की चर्चा है। अमेरिकी नौसेना की यह खास यूनिट समुद्र,जमीन और हवा में ऑपरेशन चलाने में सक्षम है। नेवी सील्स अमेरिकी नौसेना की मुख्य स्पेशल ऑपरेशंस फोर्स है। इसे 1962 मे अलग तरह के समुद्री और काउंटर गोरिल्ला युद्ध के लिए बनाया गया था। सी का अर्थ सी, एयर और लैंड है। यानी यह समुद्र,हवा और जमीन पर ऑपरेशन चलाने में सक्षम है। यह छोटे समूहों में काम करते हैं और उच्च स्तरीय लक्ष्यों को पकड़ने, मारने, टोही और गुप्त हमले में माहिर हैं। यह आधुनिकतम हथियारों, गोताखोरी के उपकरणों और विशेष गाड़ियों का इस्तेमाल करते हैं। नेवी सील्स के जवान हर दिन को मुश्किल मान कर चलते हैं।
नेवी सील्स का रोल अहम हो सकता है
हर चुनौती के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। नेवी सील्स में शामिल जवानों को कड़ी ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है। इनकी तैनाती दुनिया भर में खास और ज्यादा जोखिम वाले मिशन में की जाती है। ईरान के खिलाफ ग्राउंड ऑपरेशन और हॉर्मोस में हालात संभालने में नेवी सील्स का रोल अहम हो सकता है। गोरिल्ला ऑपरेशन चलाने की काबिलियत ईरान की सेना का मुकाबला करने के काम आ सकती है। समुद्र, हवा और जमीन पर ऑपरेशन की क्षमता भी ईरान के खिलाफ कारगर साबित हो सकती है। इसी कारण ईरान के खिलाफ जंग में नेवी सींस का रोल अहम हो जाता है।