अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़े मी़डिया समूह के खिलाफ केस दायर करने की धमकी दी है. मीडिया समूह वॉल स्ट्रीट जर्नल, न्यूज कॉर्प और रुपर्ट मर्डोक के खिलाफ उनका गुस्सा फूट पड़ा है. दरअसल वॉल स्ट्रीट जर्नल ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसमें ट्रंप के एक पुराने पत्र का हवाला दिया गया है। यह पत्र यौन तस्कर जेफ्री एपस्टीन को लिखा गया था। जेफ्री एपस्टीन ने जेल में आत्महत्या कर ली थी। ट्रंप ने वॉल स्ट्रीट की रिपोर्ट के बेबुनियाद बताया है. उन्होंने कहा मीडिया को सच्चाई दिखाना सीखना होगा।
ट्रंप ने पत्र को फर्जी बताया
ट्रंप के आधिकारिक अकाउंट से सोशल मीडिया मंच ट्रुथ पर एक पोस्ट किया है. इसमें लिखा गया कि 'वॉल स्ट्रीट जर्नल और रुपर्ट मर्डोक को राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से चेतावनी दी गई है कि राष्ट्रपति की ओर से लिखा कथित पत्र फर्जी है. अगर वे इसे छापने की कोशिश करते हैं तो उनके खिलाफ मुकदमा दायर किया जाएगा. रुपर्ट मर्डोक ने कहा है कि वे इसका ख्याल रखेंगे, लेकिन उनके पास इसकी ताकत नहीं है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की संपादक एम्मा टकर को भी धमकी दी गई है कि कथित पत्र फर्जी है, लेकिन एम्मा टकर मानने को तैयार नहीं है. ऐसे में जल्द ही राष्ट्रपति ट्रंप वॉल स्ट्रीट जर्नल, न्यूजकॉर्प और रुपर्ट मर्डोक के खिलाफ मुकदमा दायर करने वाले हैं.
ट्रंप ने दी धमकी
ट्रंप ने लिखा कि 'मीडिया को सच्चाई दिखाना चाहिए. वे उन स्त्रोतों पर निर्भर नहीं रह सकते, जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं है।' आपको बता दें कि राष्ट्रपति ट्रंप पहले भी कई मीडिया समूहों को धमकी दे चुके हैं. इस बार वॉल स्ट्रीट जर्नल की बारी है. ट्रंप ने अखबार की आलोचना की है और कहा कि 'वॉल स्ट्रीट जर्नल अब बेहूदा हो गया है और इसमें लिखे जाने वाले लेख मानहानिकारक होते हैं, जो उनकी आज के समय में प्रासंगिक बने रहने की कोशिश को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि अगर एपस्टीन मामले में किसी तरह की सच्चाई होती तो वामपंथी कॉमी, ब्रेनन और हिलेरी क्लिंटन जैसे लोग पहले ही उसका खुलासा कर सकते थे. यह अब तक
फाइलों में दबा नहीं रहता. ये खबर फर्जी है।'
क्या है विवाद
वॉल स्ट्रीट जर्नल जिस पत्र की बात कर रहा है उसमें दावा किया गया है कि यह पत्र साल 2003 में ट्रंप की ओर से कुख्यात यौन तस्कर जेफ्री एपस्टीन को लिखा था। इस पर निर्वस्त्र महिला की तस्वीर भी है. इस पर ट्रंप का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में कभी कोई तस्वीर नहीं बनाई। मैं महिलाओं की तस्वीर नहीं बनाता। ये मेरी भाषा ही नहीं है।'