रक्षा मंत्रालय ने 79 हजार करोड़ रुपये की रक्षा खरीद को मंजूरी दे दी है। इसमें MRSAM मिसाइलें, MQ-9B ड्रोन और अन्य आधुनिक हथियारों को शामिल किया गया है। इस फैसले से भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना की की युद्ध क्षमता में बढ़ोतरी होगी। MRSAM मिसाइलें भारतीय नौसेना और वायुसेना के लिए मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइलें हैं। यह दुश्मन की सीमा में घुसकर सटीक टार्गेट को हिट करने में सक्षम है। इसमें जरिए किसी भी पास के दूरी लक्ष्य को हिट करना आसान हो जाता है।
सीमाओं को सुरक्षित रखना आसान हो जाता है
MQ-9B ड्रोन और 31 MQ-9B ड्रोन खरीदने का सौदे में 15 SeaGuardian और 16 SkyGuardian शामिल हैं। ये हमारी समुद्री सीमाओं की रक्षा करता है। इसके जरिए देश क सीमाओं को सुरक्षित रखना आसान हो जाता है। इसके अलावा टी-90 टैंक ओवरहॉल और 200 टी-90 टैंकों का स्वदेशी तरीके से मिड-लाइफ अपग्रेड और ओवरहॉल शामिल है।
वहीं एम-17 हेलीकॉप्टर अपग्रेड वर्जन भी है। Mi-17 हेलीकॉप्टरों का आधुनिकीकरण। आधुनिक युद्ध के लिए लोइटरिंग मुनिशन (सुसाइड ड्रोन) खरीदने की मंजूरी। ये ड्रोन दुश्मन के ठिकाने पर घूमकर सटीक हमला करते हैं।
सरफेस-टू-एयर मिसाइल (MRSAM) खरीदी जाएंगी
एमआरएसएएम मिसाइलें भारतीय नौसेना और वायुसेना के लिए मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (MRSAM) खरीदी जाएंगी. इससे हवाई और समुद्री रक्षा मजबूत होगी. Astra मार्क-2 और मीटियोर मिसाइलें से वायुसेना मजबूत होगी। काफी बड़ी संख्या में Astra मार्क-2 एयर-टू-एयर मिसाइलें (200 किमी से ज्यादा रेंज) विकसित और खरीदी जाएंगी। इसके साथ कुछ मीटियोर मिसाइलें भी ली जाएंगी.