
jet X-59: अमेरिका ने विमानन इतिहास में बड़ा मील का पत्थर स्थापित किया है। नासा और लॉकहीड मार्टिन द्वारा विकसित X-59 सुपरसोनिक जेट ने कैलिफोर्निया के आकाश में अपनी पहली सफल उड़ान भरी। यह विमान ध्वनि की गति से भी तेज उड़ सकता है, लेकिन खास बात यह है कि उड़ान के दौरान यह पारंपरिक सुपरसोनिक जेट्स जैसी तेज ‘धमाकेदार’ आवाज नहीं करता। नासा के पायलट नील्स लार्सन ने इस विमान को सफलतापूर्वक उड़ाया और उतारा। लगभग 30 मिनट चली इस उड़ान में सभी तकनीकी सिस्टम सामान्य पाए गए।
कम आवाज वाला
X-59 को नासा के क्वाइट सुपरसोनिक टेक्नोलॉजी (QueSST) प्रोजेक्ट के तहत तैयार किया गया है। इसका सबसे बड़ा नवाचार यह है कि यह ‘सॉनिक बूम’ की जगह केवल 60-80 डेसिबल का ‘सॉनिक थंप’ पैदा करता है, जो कार का दरवाजा बंद करने जैसी आवाज होती है। पारंपरिक सुपरसोनिक विमान 110-140 डेसिबल तक का शोर करते हैं। 99 फीट लंबे और GE F414 इंजन से लैस यह सिंगल-सीटर जेट मच 1.4 यानी करीब 1508 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकता है।
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फिर से शुरू हों तेज हवाई सफर
नासा की योजना इस विमान के जरिए 1970 के दशक से भूमि पर सुपरसोनिक उड़ानों पर लगे प्रतिबंध को हटाने की है। भविष्य में X-59 को विशेष हवाई मार्गों पर उड़ाया जाएगा, ताकि शोर स्तर पर जनता से फीडबैक मिल सके। नासा का मानना है कि 2027-28 तक इस डेटा के आधार पर नए उड़ान नियम बन सकते हैं, जिससे तेज और शांत हवाई यात्रा का नया युग शुरू होगा। यह प्रोजेक्ट न केवल तकनीकी नवाचार का प्रतीक है बल्कि वाणिज्यिक सुपरसोनिक यात्राओं की वापसी का रास्ता भी खोल सकता है।