वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ संकेत दिए कि भारत अब वैश्विक व्यापार में ज्यादा मजबूत भूमिका निभाने की तैयारी में है। यूरोपीय संघ के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते की झलक इस बजट में साफ दिखाई देती है। अमेरिका के टैरिफ फैसलों से दुनिया में मचे हड़कंप के बीच सरकार ने भारतीय उद्योगों को सुरक्षित और मजबूत करने पर ध्यान दिया है, ताकि देश के उत्पाद यूरोपीय बाजार में मजबूती से टिक सकें।
एमएसएमई को बताया विकास का असली साथी
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने एमएसएमई सेक्टर को देश के विकास का अहम आधार बताया। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि छोटे और मझोले उद्योग चैंपियन की तरह आगे बढ़ें। इसी सोच के तहत एमएसएमई सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि अगर यह क्षेत्र मजबूत होगा, तो रोजगार, उत्पादन और निर्यात तीनों को सीधा फायदा मिलेगा।
सस्ती पूंजी से बढ़ेगा उत्पादन
लंबे समय से एमएसएमई क्षेत्र की मांग रही है कि पूंजी की लागत कम की जाए। बजट में घोषित 10 हजार करोड़ रुपये के पैकेज से छोटे उद्योगों को सस्ती वित्तीय मदद मिलेगी। इससे नई मशीनें लगाना, उत्पादन बढ़ाना और विदेशी बाजारों में मुकाबला करना आसान होगा। खास तौर पर निर्यात से जुड़े छोटे कारोबारियों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
टैरिफ वॉर में बनेगा सुरक्षा कवच
दुनिया में बढ़ते व्यापारिक तनाव और टैरिफ वॉर के बीच सरकार का फोकस घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने पर है। बजट 2026 को विकास, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा जैसे तीन बड़े लक्ष्यों से जोड़ा गया है। सरकार मानती है कि एमएसएमई सेक्टर मजबूत होगा तो भारत वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी पकड़ और मजबूत कर सकेगा।
छोटे कारोबार को मुख्यधारा से जोड़ने की तैयारी
बजट में पुराने और बंद पड़े औद्योगिक क्षेत्रों को दोबारा शुरू करने पर भी जोर दिया गया है। एमएसएमई सेक्टर में समानता और समावेशन से जुड़ी योजनाओं के लिए अलग से फंड रखा गया है। इसका मकसद है कि छोटे कारोबार भी बड़े उद्योगों की तरह आगे बढ़ें और देश की आर्थिक धारा से जुड़ सकें।
हथकरघा से लेकर नई इंडस्ट्री तक फोकस
सरकार ने आत्मनिर्भर भारत के तहत अतिरिक्त बजट का ऐलान किया है। हथकरघा और पारंपरिक उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी हैंडलूम योजना शुरू करने की घोषणा की गई है। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग और बायोफार्मा जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए भी बड़ी योजनाएं लाई गई हैं। कुल मिलाकर बजट 2026 का संदेश साफ है कि एमएसएमई सेक्टर को मजबूत कर ही भारत तेज आर्थिक विकास और रोजगार का रास्ता तय करेगा।