PNG surges in Ghaziabad: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के असर से घरेलू गैस की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है, जिसका असर गाजियाबाद में भी दिखाई दे रहा है। एलपीजी की किल्लत से परेशान लोग अब वैकल्पिक ईंधन के तौर पर पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के अनुसार पिछले पांच से छह दिनों में जिले में लगभग 20 से 25 हजार नए पीएनजी कनेक्शन जोड़े गए हैं, जबकि कुल कनेक्शनों की संख्या करीब 3.5 लाख तक पहुंच चुकी है।
आवेदनों की संख्या में तेज उछाल
पीएनजी कनेक्शन के लिए आने वाले आवेदनों में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पहले जहां रोजाना करीब 100 आवेदन आते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 300 से अधिक हो गई है। एक सप्ताह में मिलने वाले आवेदनों की संख्या लगभग तीन गुना तक पहुंच गई है। बढ़ती मांग को देखते हुए संबंधित टीमें अतिरिक्त समय में काम कर रही हैं और लंबित आवेदनों को जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
व्यापारियों के बीच भी बढ़ी मांग
एलपीजी की कमी का असर होटल, रेस्तरां और मिठाई की दुकानों पर ज्यादा देखने को मिल रहा है। कई कारोबारियों ने अपने व्यवसाय को प्रभावित होने से बचाने के लिए पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन किया है। व्यापारियों का कहना है कि पीएनजी की आपूर्ति निरंतर रहती है, जिससे गैस खत्म होने की समस्या नहीं होती और काम बिना रुकावट के चलता रहता है।
यह भी देखेंःHigh Court Order: संभल में नमाज पर लगी सीमा को हाई कोर्ट ने हटाया, प्रशासन के आदेश को बताया अनुचित!
वैकल्पिक साधनों का सहारा
गैस की कमी के चलते कई दुकानदारों ने इंडक्शन चूल्हों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। कुछ जगहों पर लकड़ी और कोयले से चलने वाली भट्टियों का उपयोग भी किया जा रहा है। हालांकि इंडक्शन के बढ़ते उपयोग से बिजली खर्च बढ़ने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जबकि छोटे दुकानदार और चाय विक्रेता भी इस स्थिति से प्रभावित हैं।
एलपीजी एजेंसियों पर भीड़ और कार्रवाई
दूसरी ओर शहर की कई गैस एजेंसियों पर सिलिंडर लेने के लिए सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। कई उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार के बाद भी गैस नहीं मिल पा रही है। इसी बीच प्रशासन ने कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मोदीनगर क्षेत्र में एक दुकान से 14 घरेलू गैस सिलिंडर बरामद किए हैं और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।