US action against Tehran: ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेहरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई की अटकलें तेज हो गई हैं। रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका ने क्षेत्र में अपने उन्नत लड़ाकू विमान तैनात किए हैं, जबकि ईरान ने एहतियातन पूरे देश में NOTAM (नोटिस टू एयरमेन) जारी कर हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लागू कर दिया है।
NOTAM से बना नो-फ्लाई जोन
ईरान ने घोषणा की है कि रॉकेट परीक्षणों के मद्देनजर अस्थायी रूप से उसका हवाई क्षेत्र नियंत्रित रहेगा। NOTAM लागू होने के बाद कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मार्ग बदले गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सुरक्षा कारणों से उठाया गया है।
अमेरिकी सैन्य तैयारी
सूत्रों के मुताबिक अमेरिका ने क्षेत्र में F-22 Raptor और F-35 Lightning II जैसे अत्याधुनिक फाइटर जेट्स की तैनाती बढ़ाई है। विश्लेषकों का मानना है कि यह रणनीतिक दबाव बनाने की कोशिश हो सकती है। हालांकि वॉशिंगटन की ओर से आधिकारिक तौर पर किसी हमले की पुष्टि नहीं की गई है।
आंतरिक हालात और बढ़ता दबाव
ईरान में हाल के महीनों में महंगाई और आर्थिक हालात को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों ने सरकार के खिलाफ असंतोष को उजागर किया। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाली व्यवस्था पर बाहरी और आंतरिक दोनों तरह का दबाव बढ़ा है।
परमाणु कार्यक्रम बना मुद्दा
तनाव का एक बड़ा कारण ईरान का परमाणु कार्यक्रम भी है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले भी ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपना चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात पर नजर रखे हुए है, क्योंकि किसी भी सैन्य कार्रवाई से क्षेत्रीय स्थिरता पर व्यापक असर पड़ सकता है।