Delhi Government Major Decision: दिल्ली में ऊर्जा संरक्षण और ईंधन बचत को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने घोषणा की है कि अब हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू किया जाएगा। इसके साथ ही सरकारी बैठकों में 50 फीसदी मीटिंग ऑनलाइन होंगी। सरकार ने निजी कंपनियों से भी इसी तरह की व्यवस्था अपनाने की अपील की है। इस फैसले का उद्देश्य पेट्रोल-डीजल की खपत कम करना और ऊर्जा बचत को बढ़ावा देना बताया गया है।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल
सरकार ने ईंधन बचत अभियान के तहत मंत्रियों और विधायकों को मेट्रो और डीटीसी बसों से सफर करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने खुद अपने काफिले में वाहनों की संख्या 13 से घटाकर केवल चार कर दी है। इसके अलावा मंत्रियों की विदेशी यात्राएं फिलहाल स्थगित कर दी गई हैं। सरकार का कहना है कि नेताओं और अधिकारियों को खुद उदाहरण पेश करना होगा ताकि आम जनता भी ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक हो सके।
विभागों को मिलेगा कम ईंधन
दिल्ली सरकार ने श्रम विभाग समेत कई सरकारी विभागों के लिए ईंधन आवंटन में 20 फीसदी कटौती करने का फैसला लिया है। साथ ही सरकारी दफ्तरों में एयर कंडीशनर का तापमान स्थायी रूप से 24 से 26 डिग्री के बीच रखा जाएगा। बिजली की बचत के लिए दफ्तरों में सेंसर आधारित नियंत्रण प्रणाली भी लगाई जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे बिजली और ईंधन दोनों की खपत कम होगी।
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90 दिन तक चलेगा विशेष अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि ऊर्जा संरक्षण और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए 90 दिनों का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत स्कूलों, अस्पतालों और बाजारों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। मॉल और बाजारों में ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों के लिए अलग स्थान बनाए जाएंगे। सरकार ने तीन महीने तक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों को भी स्थगित करने का फैसला लिया है ताकि अनावश्यक खर्च और ईंधन की खपत को रोका जा सके।
इलेक्ट्रिक वाहन नीति जल्द होगी लागू
दिल्ली सरकार ने यह भी कहा है कि नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति तैयार हो चुकी है और इसे जल्द लागू किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर प्रोत्साहित करना और प्रदूषण कम करना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक यह अभियान 15 मई से शुरू होगा और आवश्यक सेवाओं को वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था से बाहर रखा जाएगा। सरकार का दावा है कि इन कदमों से ऊर्जा संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।