समुद्री रास्ते से गुजर रहे तीन व्यापारिक जहाजों पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इससे दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया है।तीन व्यापारिक जहाजों पर हमले के कुछ घंटों बाद अमेरिका ने ईरान पर नए हमले किए। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई निर्दोष लोगों और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने के जवाब में की गई है। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है और पूरी दुनिया की नजर इस मामले पर है।
ईरान के कई ठिकानों पर हमला
अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल ठिकानों, ड्रोन लॉन्च करने वाली जगहों, हवाई सुरक्षा सिस्टम और बंदरगाह के आसपास के इलाकों को निशाना बनाया। ईरान के कई शहरों में धमाकों की आवाज सुनाई दी। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान कई घंटे तक चल सकता है।
ईरान ने अमेरिका पर लगाए आरोप
ईरान ने अमेरिका की कार्रवाई को गलत बताया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका ने दोनों देशों के बीच हुए समझौते का उल्लंघन किया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि इस कार्रवाई के परिणाम अमेरिका को भुगतने पड़ सकते हैं।
तेल कारोबार पर भी असर
अमेरिका ने ईरानी तेल बेचने की दी गई विशेष छूट भी वापस ले ली है। इससे ईरान के तेल कारोबार पर असर पड़ सकता है। साथ ही दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत भी मुश्किल में पड़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर दुनिया के तेल बाजार पर भी दिखाई दे सकता है।
हमले की जिम्मेदारी अभी साफ नहीं
तीनों जहाजों पर हमला किसने किया, इसकी जिम्मेदारी अभी तक किसी ने नहीं ली है। अमेरिका ने इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन ईरान ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया। इस वजह से मामला और ज्यादा गंभीर हो गया है।
दुनिया की नजर अगले कदम पर
इस पूरे घटनाक्रम के बाद मध्य पूर्व में फिर तनाव बढ़ गया है। कई देशों ने हालात पर चिंता जताई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि अमेरिका और ईरान आगे क्या कदम उठाते हैं, क्योंकि इनके फैसलों का असर पूरे क्षेत्र और दुनिया की तेल सप्लाई पर पड़ सकता है।