.Maharashtra hindi maraathi language:महाराष्ट्र में हिंदी बनाम मराठी को लेकर छिड़े विवाद के बीच जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मराठी सीखने का फैसला लिया है। उन्होंने बाल भारती की किताब से मराठी पढ़ना शुरू कर दिया है और दो शिक्षकों की मदद से भाषा सीख रहे हैं। शंकराचार्य का कहना है कि उन्होंने उद्धव ठाकरे से मराठी सिखाने के लिए शिक्षक देने की बात कही थी, लेकिन ठाकरे ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। वहीं एक विधायक द्वारा दो शिक्षक मुहैया कराए गए हैं, जिनसे वह अब मराठी सीख रहे हैं।
भाषा पर राजनीति या प्रेम?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि उद्धव ठाकरे मराठी सिखाने में रुचि नहीं रखते, उनका मकसद केवल भाषा के नाम पर राजनीति करना है। उन्होंने यह भी कहा कि जबरदस्ती भाषा थोपना गलत है, इससे मराठी की छवि हिंसा से जुड़ सकती है। उन्होंने एकनाथ शिंदे की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने गाय को ‘गौ राज्य माता’ का दर्जा देकर अपने पाप धो लिए हैं, जबकि उद्धव ने न तो मराठी सिखाने में मदद की और न ही गौ सेवा में कोई योगदान दिया।
राजनीति और धर्म पर दो टूक राय
धर्म परिवर्तन और राजनीति पर बोलते हुए शंकराचार्य ने कहा कि जबरन धर्म बदलवाना गलत है, और यह पूरा मुद्दा राजनीति से प्रेरित लगता है। उन्होंने बिहार की बिगड़ती कानून व्यवस्था, अहमदाबाद विमान हादसे और महाराष्ट्र के चुनावी माहौल पर भी चिंता जताई। साथ ही देवेंद्र फडणवीस को भविष्य में प्रधानमंत्री पद का मजबूत उम्मीदवार बताते हुए कहा कि उन्हें जिम्मेदारी मिली तो वे निभा पाएंगे।