Sultanpur News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली है। सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए अदालत ने सोमवार को साक्ष्यों के अभाव में उन्हें दोषमुक्त करार दिया। विशेष मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत के फैसले के बाद कांग्रेस समर्थकों ने खुशी जताई।
2018 का मामला
यह मामला वर्ष 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी की ओर से तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ की गई कथित टिप्पणी से जुड़ा है। इस टिप्पणी से आहत होकर सुल्तानपुर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के हनुमानगंज निवासी भाजपा नेता विजय मिश्र ने चार अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दायर किया था। इसके बाद मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए अदालत में शुरू हुई।
दोनों पक्षों ने रखीं दलीलें
मामले में दोनों पक्षों की बहस 13 अक्तूबर को पूरी हो गई थी। इसके बाद अदालत ने फैसला सुनाने के लिए 26 अक्तूबर की तारीख तय की थी और राहुल गांधी को फैसले के समय उपस्थित रहने का निर्देश दिया था।
राहुल गांधी के अधिवक्ता ने लिखित बहस में विवादित बयान दिए जाने की बात स्वीकार की थी, लेकिन दलील दी थी कि बयान सद्भाव में दिया गया था और किसी को अपमानित करने का इरादा नहीं था। बचाव पक्ष ने यह भी कहा था कि बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। दूसरी ओर, परिवादी पक्ष ने बयान स्वीकार किए जाने के आधार पर राहुल गांधी को दोषी ठहराने की मांग की थी।
कोर्ट में पेश होने पहुंचे थे राहुल
फैसले के लिए राहुल गांधी सोमवार को लखनऊ से सड़क मार्ग के जरिए सुल्तानपुर पहुंचे। इस दौरान पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर उनके काफिले के पीछे चल रही कई गाड़ियां आपस में टकरा गईं, हालांकि राहुल गांधी सुरक्षित रहे। अदालत के फैसले से उन्हें वर्ष 2018 से चल रहे इस मानहानि मामले में राहत मिली है।