केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार सुबह कोलकाता पहुंचे, जहां भाजपा नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुभेंदु अधिकारी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। एयरपोर्ट से अमित शाह सीधे न्यू टाउन स्थित होटल पहुंचे। उनके दौरे को पश्चिम बंगाल की राजनीति में बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि भाजपा अब राज्य में पहली बार सरकार बनाने जा रही है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच इसको लेकर उत्साह का माहौल दिखाई दे रहा है।
विधायक दल की अहम बैठक
दोपहर में अमित शाह विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में होने वाली भाजपा विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में भाजपा विधायक दल के नेता का चुनाव किया जाएगा। माना जा रहा है कि इसी बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर भी अंतिम मुहर लग सकती है। इसके साथ ही सरकार गठन और मंत्रिमंडल को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। भाजपा नेतृत्व इस पूरी प्रक्रिया को बेहद रणनीतिक तरीके से आगे बढ़ा रहा है ताकि नई सरकार गठन में किसी तरह की परेशानी न हो।
शपथ ग्रहण की तैयारियां तेज
भाजपा की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह शनिवार को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। पार्टी इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी में जुटी हुई है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। कार्यक्रम स्थल के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
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भाजपा की ऐतिहासिक जीत
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए पश्चिम बंगाल की सत्ता में एंट्री की है। पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस के 15 साल पुराने शासन का अंत कर दिया। चुनाव नतीजों को ममता बनर्जी के राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि जनता ने बदलाव के पक्ष में मतदान किया है और अब राज्य में विकास की नई राजनीति शुरू होगी। वहीं तृणमूल कांग्रेस लगातार चुनाव प्रक्रिया और माहौल को लेकर सवाल उठा रही है।
राज्यपाल ने भंग की विधानसभा
राज्यपाल आर एन रवि ने बृहस्पतिवार को विधानसभा भंग कर दी, जिसके बाद नई सरकार के गठन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया। अब भाजपा नेतृत्व सरकार गठन की औपचारिकताओं को तेजी से पूरा करने में जुटा हुआ है। राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि बंगाल की राजनीति अब नए दौर में प्रवेश कर चुकी है और आने वाले दिनों में राज्य की सियासत में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।