Amit Shah Aattack on the opposition: लोकसभा में नक्सल मुक्त भारत पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद के मुद्दे पर सरकार का स्पष्ट रुख सामने रखा और विपक्ष, खासकर कांग्रेस, पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश लंबे समय से नक्सलवाद की समस्या से जूझता रहा है, लेकिन अब सरकार इसे पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। शाह ने यह भी कहा कि जो भी हथियार उठाएगा, उसे कानून के अनुसार जवाब देना होगा।
सरकार का कड़ा रुख
अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद देश के 12 राज्यों में फैला हुआ था और यह वामपंथी विचारधारा के कारण बढ़ा। उन्होंने बताया कि बस्तर जैसे क्षेत्रों में अब नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है और वहां विकास के नए रास्ते खुले हैं। सरकार का मानना है कि हिंसा के जरिए कोई समाधान नहीं निकल सकता और जो भी कानून हाथ में लेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आदिवासियों के विकास पर जोर
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार आदिवासी समाज के विकास के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने आदिवासियों को मूलभूत सुविधाएं जैसे घर, पानी और शिक्षा उपलब्ध नहीं कराई। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार ने इन क्षेत्रों में स्कूल, सड़क और अन्य सुविधाओं का विस्तार किया है, जिससे आदिवासियों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है।
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गरीबी का मुद्दा
शाह ने कहा कि यह धारणा गलत है कि गरीबी के कारण नक्सलवाद फैला। उन्होंने दावा किया कि जिन क्षेत्रों में नक्सलवाद फैला, वहां विकास रुक गया और गरीबी बढ़ी। रेड कॉरिडोर के इलाकों में स्कूलों को जलाया गया, जिससे शिक्षा प्रभावित हुई और लोग विकास से दूर रह गए।
भविष्य की दिशा
अमित शाह ने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि 75 वर्षों में से 60 वर्षों तक शासन करने के बावजूद आदिवासी क्षेत्रों का विकास क्यों नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि अब सरकार का लक्ष्य देश को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाना है और इसके लिए जनता का समर्थन भी मिल रहा है। उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार किसी भी हालत में हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेगी और विकास के जरिए ही स्थायी समाधान निकाला जाएगा।