
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक मीडिया कार्यक्रम के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला. इसके साथ ही गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल को खुली चुनौती दे दी है.
राहुल जनता के सामने कहें कि जेल से सरकार चलाना ठीक- शाह
इस कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अगर राहुल गांधी को लगता है कि जेल में रहकर सरकार चलाना ठीक है, तो वे पटना के चौराहे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करें और जनता के सामने यह बात कहें. इसके साथ ही उन्होंने 130वें संविधान संशोधन का जिक्र करते हुए कहा कि नए नियमों में जेल जाने वाले नेताओं को 30 दिन का समय दिया गया है, उसके बाद अगर वे जेल में ही रहते हैं तो उन्हें पद छोड़ना पड़ेगा. इसमें किसी तरह की कोई गलत बात नहीं है.
लोकतंत्र में जेल से सरकार चलाना उचित नहीं- शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि लोकतंत्र में जेल से सरकार चलाना उचित नहीं है. उन्होंने विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस और राजद पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में भाजपा की सरकार ने 20 साल में राज्य का चेहरा बदल कर रख दिया है. लालू-राबड़ी के समय जो हालात हुआ करते थे, उन्हें सुधारने में सालों लग गए. पहले नीतीश सरकार ने कानून-व्यवस्था में सुधार किया, फिर मोदी सरकार के आने के बाद गंगा पर पुल, नेशनल हाइवे और बड़ी परियोजनाएं बनीं. अब पटना से गया तक की दूरी सिर्फ दो घंटे में तय की जा सकती है. दरभंगा में एम्स बन रहा है, बोधगया में आईआईएम और ट्रिपल आईटी जैसी संस्थाएं खुली हैं।
राहुल के वोट चोरी वाले बयान पर शाह का पलटवार
इसके साथ ही कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के वोट चोरी वाले बयान को लेकर भी शाह ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अब एसआईआर (SIR) पर बोलना बंद कर चुके हैं, क्योंकि बिहार की जनता ने उन्हें भुला दिया है.जो व्यक्ति देश का नागरिक ही नहीं है, वह भारत में वोट कैसे डाल सकता है? शाह ने कहा कि चुनाव आयोग अगर एसआईआर के जरिए घुसपैठियों की पहचान कर रहा है, तो कांग्रेस को इससे दिक्कत क्यों हो रही है. भाजपा इस फैसले का स्वागत करती है और पूरे देश में ऐसे अभियान की मांग करती है. ताकि घुसपैठियों को चिन्हित कर बाहर किया जा सके.
इसे भी पढ़ें : Kashi का एक ऐसा मंदिर जो सिर्फ साल में 5 दिन खुलता है, मंदिर में लुटाया जाता है माता का विशेष खजाना !
"10 सालों में बिहार होगा बाढ़ से पूरी तरह मुक्त"
शाह ने आगे कहा कि आने वाले 10 सालों में बिहार को बाढ़ से पूरी तरह मुक्त कर दिया जाएगा. कोसी परियोजना के लिए हजारों करोड़ रुपये का बजट रखा गया है और काम तेजी से चल रहा है. साथ ही बिहार को एआई और सॉफ्टवेयर का हब बनाने की योजना है, ताकि यहां उद्योगों के लिए जमीन की कमी समस्या न बने.