महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना को लेकर जारी खींचतान एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। कोल्हापुर दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एकनाथ शिंदे का परिचय देते हुए ऐसा बयान दिया जिसने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी। उन्होंने बिना नाम लिए उद्धव ठाकरे खेमे पर निशाना साधते हुए कहा कि अब शिवसेना एक है और किसी दूसरे गुट का अस्तित्व नहीं बचा है।
कोल्हापुर कार्यक्रम में अमित शाह की बड़ी टिप्पणी
शनिवार को कोल्हापुर पहुंचे अमित शाह ने महालक्ष्मी अंबाबाई मंदिर परिसर में विकास कार्यों की शुरुआत की। इसी कार्यक्रम में मंच से उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि पहले एकनाथ शिंदे के नाम के साथ अलग पहचान जोड़नी पड़ती थी, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है और केवल एक ही शिवसेना मौजूद है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई।
उद्धव खेमे के सांसदों पर बढ़ी राजनीतिक चर्चा
राजनीतिक चर्चाओं के बीच यह भी कहा जा रहा है कि उद्धव खेमे के कुछ सांसदों की नाराजगी सामने आ रही है। इसी वजह से पार्टी के भीतर गतिविधियां बढ़ी हुई हैं। सूत्रों के स्तर पर ऐसी चर्चा है कि कुछ नेताओं के रुख को लेकर लगातार अटकलें चल रही हैं, जिससे पार्टी की रणनीति पर भी सवाल उठने लगे हैं।
शिवसेना स्थापना दिवस पर अलग-अलग कार्यक्रम
शिवसेना के स्थापना वर्ष को लेकर दोनों पक्षों की तरफ से अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। कुछ स्थानों पर दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच तनाव की स्थिति भी देखने की चर्चा रही। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि राजनीतिक दूरी अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
उद्धव और कांग्रेस पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने उद्धव ठाकरे पर कांग्रेस के साथ जाने को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियों में कई बदलाव हुए हैं, लेकिन देशहित और राष्ट्रीय मुद्दों पर भाजपा अपनी सोच के साथ आगे बढ़ती रही है।
मंदिर विकास योजनाओं का भी किया जिक्र
अमित शाह ने अपने भाषण में देशभर में धार्मिक स्थलों के विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में कई बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों पर विकास परियोजनाएं शुरू की गई हैं। कोल्हापुर में भी तीर्थ क्षेत्र विकास योजना के तहत बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में क्षेत्र को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।