अमोनियम नाइट्रेट एक सफेद, क्रिस्टल जैसा रसायन है जिसे खेती में उर्वरक के रूप में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। यह पौधों को बढ़ने के लिए जरूरी नाइट्रोजन देता है। अकेले यह ज्वलनशील नहीं होता, पर जब यह किसी ईंधन या तेल के साथ मिल जाता है तो बहुत शक्तिशाली विस्फोटक बन सकता है. इसलिए इसे सिवाय घरेलू उपयोग के, खासकर औद्योगिक या विस्फोटक प्रयोजनों के लिए बहुत सावधानी से संभाला जाता है।
किस उद्योग में आता है काम
खेती, खनन, निर्माण और खुदाई जैसे व्यावसायिक कामों में अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल होता है। खनन में नियंत्रित विस्फोट के लिए यह मुख्य घटक होता है और आतिशबाजी व कुछ रसायनों में भी काम आता है। समस्या तब होती है जब इसे अनधिकृत रूप से निकट-स्थ ज्वलनशील पदार्थों के साथ मिलाकर इम्प्रोवाइज्ड विस्फोटक बनाया जाता है। इतिहास में कई घटनाओं में यही संयोजन बड़े धमाकों का कारण बना है, इसलिए इसका दुरुपयोग आतंकवादी या अपराधियों द्वारा किया जा सकता है।
उत्पादन, लाइसेंसिंग और सुरक्षा नियम क्या हैं?
भारत में अमोनियम नाइट्रेट के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन पर सख्त नियम लागू हैं। Ammonium Nitrate Rules, 2012 और पेट्रोलियम व विस्फोटक सुरक्षा संगठन की शर्तों के मुताबिक किसी भी तरह का काम करने के लिए लाइसेंस लेना जरूरी है। भंडारण को आग-रोधी स्थानों और पर्याप्त अग्नि सुरक्षा के साथ करना होता है; बंदरगाहों पर स्टोर करना प्रतिबंधित है। इन नियमों का पालन न करने पर कानूनी कार्रवाई होती है और संबंधित संस्थाओं पर जुर्माना व आपराधिक धाराएँ लग सकती हैं।
कानून तोड़ने पर सजा और कीमत का सामान्य अनुमान
विस्फोटक अधिनियम और संबंधित प्रावधानों के तहत बिना लाइसेंस अमोनियम नाइट्रेट रखने, बनाने या बेचने पर सजा हो सकती है इसमें जेल और जुर्माना दोनों शामिल हैं। आमतौर पर दोषियों को तीन साल तक की सजा और भारी जुर्माना के प्रावधान मिलते हैं। कीमत की बात करें तो उर्वरक ग्रेड सामान्य रूप से सस्ती होती जबकि औद्योगिक-ग्रेड या उच्च शुद्धता वाली किस्में 100-160 रुपये प्रति किलो तक मिल सकती हैं. तरल रूपों के दाम अलग होते हैं। सुरक्षा और वैधता की वजह से खरीदते समय कागजात और लाइसेंस ज़रूरी होते हैं।