देश में तेज और आधुनिक ट्रेनों की खूब चर्चा होती है, लेकिन एक ट्रेन ऐसी भी है जो चुपचाप आम लोगों की पसंद बनती जा रही है। यह ट्रेन अमृत भारत एक्सप्रेस है, जिसे खास तौर पर मध्यम और कम आय वाले यात्रियों को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है। कम किराया और लंबी दूरी की यात्रा के कारण बड़ी संख्या में लोग इस ट्रेन को चुन रहे हैं। रेलवे के आंकड़े बताते हैं कि इस ट्रेन के स्लीपर कोच में सीटें अक्सर पूरी तरह भर जाती हैं।
लंबी दूरी के यात्रियों को मिल रहा फायदा
अमृत भारत एक्सप्रेस पूरी तरह नॉन-एसी ट्रेन है, लेकिन इसमें यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखा गया है। इस ट्रेन को खास तौर पर उन यात्रियों के लिए शुरू किया गया है जो कम खर्च में लंबी दूरी तय करना चाहते हैं। ट्रेन में कई जनरल कोच और स्लीपर कोच लगाए गए हैं, जिससे ज्यादा लोगों को यात्रा करने का मौका मिल सके। इसके साथ ही इसमें पैंट्री और सामान रखने के लिए अलग कोच भी दिए गए हैं।
कोच में आधुनिक सुविधाएं
हालांकि यह ट्रेन नॉन-एसी है, फिर भी इसके डिब्बों में कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। सीट और बर्थ का डिजाइन पहले से बेहतर बनाया गया है ताकि यात्रियों को ज्यादा आराम मिल सके। इसके अलावा डिब्बों में एलईडी लाइट, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन सुविधाओं से यात्रा ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक बन जाती है।
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जनरल कोच बढ़ाने पर रेलवे का जोर
भारतीय रेलवे अब आम यात्रियों की जरूरतों को देखते हुए जनरल कोच की संख्या भी बढ़ा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में लंबी दूरी की ट्रेनों में बड़ी संख्या में जनरल कोच जोड़े गए हैं। इससे बिना रिजर्वेशन यात्रा करने वाले लोगों को ज्यादा जगह मिल सकेगी और भीड़ भी कम होगी। रेलवे का मानना है कि इससे आम यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
भविष्य में और कोच जोड़ने की योजना
रेलवे आने वाले समय में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए हजारों नए नॉन-एसी कोच तैयार करने की योजना बना रहा है। इन कोचों में जनरल और स्लीपर दोनों तरह की व्यवस्था होगी। इससे ज्यादा यात्रियों को सीट मिल सकेगी और लंबी दूरी की यात्रा और आसान हो जाएगी।
सफाई और रखरखाव पर विशेष ध्यान
रेलवे ने ट्रेनों की साफ-सफाई और रखरखाव को भी प्राथमिकता दी है। सभी कोचों में बायो-टॉयलेट लगाए गए हैं जिससे ट्रैक और ट्रेन दोनों साफ रहते हैं। इसके अलावा ट्रेनों में नियमित सफाई, ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग और निरीक्षण की व्यवस्था भी की गई है। इन कदमों का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर यात्रा का अनुभव देना है।