उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया. हसनपुर- गजरौला मार्ग पर स्थित मनौटा पुल के पास तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने स्कूली बच्चों से भरी वैन को जोरदार टक्कर मार दी. हादसा इतना भयावह था कि स्कूल वैन के परखच्चे उड़ गए. सड़क पर बच्चों के बैग, टिफिन, पानी की बोतलें बिखर गईं और वहां चीख-पुकार मच गई.
वैन के उड़ गए चिथड़े
स्कूल वैन इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, सहसोली की थी. जो रोजाना की तरह हसनपुर से बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी. सुबह करीब 7:20 बजे अचानक सामने से तेज रफ्तार में आ रही एक पिकअप ने वैन को सीधी टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जोरदार थी कि वैन के अगले हिस्से के चिथड़े उड़ गए. हादसे के वक्त वैन में मौजूद बच्चे डर से सहम गए और कई खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े.
मासूम और शिक्षिका की मौत
इस दर्दनाक हादसे में हसनपुर के मोहल्ला कायस्थान की रहने वाली छह साल की बच्ची अनाया सैनी की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, घायल शिक्षिका निशा ने अमरोहा जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. इस हादसे में कुल 13 बच्चे और दो स्टाफ के सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं. इनमें से चार बच्चों की हालत चिंताजनक बनी हुई है.
घायलों में छात्र अभिनव, अभिकांत, अराध्यका, अरहम, अराहन, आरोही, काव्यांस, काव्या सहित कई अन्य मासूम शामिल हैं. शिक्षिकाओं रुबी और निशा के अलावा वैन चालक भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं.
बच्चों को गले लगा फूट फूट कर रोए परिजन
हादसे के बाद राहगीरों और ग्रामीणों ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया. घायल बच्चों को खून से सने कपड़ों और फटे बैगों के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया. यहां प्राथमिक इलाज के बाद पांच बच्चों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. हालत गंभीर होने पर दो बच्चों को हायर सेंटर भेजने की तैयारी भी की गई है.
हादसे की सूचना मिलते ही सीओ दीप कुमार पंत और एसडीएम पुष्कर नाथ चौधरी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की. जिला अस्पताल में भी डीएम और एसपी ने जाकर हालात की समीक्षा की. अस्पताल परिसर का माहौल बेहद गमगीन हो गया. जैसे ही शिक्षिका निशा की मौत की खबर पहुंची, अस्पताल में कोहराम मच गया. परिजन अपने घायल बच्चों से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगे.
पिकअप चालक के खिलाफ कार्रवाई
पुलिस ने पिकअप चालक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. सीओ दीप कुमार पंत ने बताया कि आरोपी चालक की तलाश जारी है और हादसे की पूरी जांच कराई जा रही है. साथ ही घायलों के समुचित इलाज के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है.
इस हादसे ने न सिर्फ दो परिवारों की दुनिया उजाड़ दी, बल्कि पूरे इलाके में गहरा शोक और गुस्सा फैला दिया. एक तरफ मासूम अनाया की मुस्कान हमेशा के लिए चली गई, वहीं दूसरी ओर बच्चों की देखरेख में लगी शिक्षिका निशा भी जीवन की जंग हार गईं.