तीन लोगों की निर्मम हत्या के बाद जिस मकान से रात में पाजेब की आवाज सुनकर पड़ोसी दहल जाते थे, अब उस मकान से राधा-कृष्ण के मधुर भजनों की आवाज सुनकर पड़ोसी ही नहीं, बल्कि आसपास के लोग तृप्त हो रहे हैं। पड़ोसियों को भक्ति में सरोबर करने के लिए एक व्यापारी ने मकान खरीद कर इस्कॉन को दिया है।
यह था मामला
नौचंदी थाना क्षेत्र के शास्त्री नगर सेक्टर पांच में सेक्स रैकेट चलाने वाली युवती के प्रेमी ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर 18 जून 2016 को अपनी प्रेमिका व मकान मालिक सहित उसकी पत्नी की हत्या करने के बाद मकान को बंद कर भाग गए थे। हत्या के कुछ समय बाद मकान के अंदर से पड़ोसियों को बदबू आनी शुरू हुई तो उन्होंने पुलिस को सूचित किया। पुलिस को मकान के अंदर से तीन लाशें मिली थी। पुलिस ने तीनों की पहचान 52 वर्षीय इंश्योरेंस बैंक मैनेजर चंद्रशेखर गुप्ता, उनकी पत्नी पूनम गुप्ता और 25 वर्षीय युवती रिया के रूप में की। तीनों के शव चाकू से गुदे हुए थे।
इस मामले में रिया के प्रेमी विकास उर्फ विक्की समेत सचिन सक्सेना और उदयवीर को गिरफ्तार किया। उस समय पुलिल ने बताया था कि रिया कॉलगर्ल थी। विक्की उसके लिए कस्टमर लाता था और चंद्रशेखर के मकान में अनैतिक कार्य होता था। रिया ने विक्की को नजरअंदाज करना शुरू कर दिया था। ये बात विक्की को नागवार गुजरी और उसने रिया की हत्या का प्लान बना लिया। इधर, सचिन को भी पैसे की जरूरत थी, इसलिए वो भी इस प्लान में विक्की के साथ हो गया और तीनों की हत्या कर दी।
रात में मकान से आती की पाजेब की आवाज
पड़ोसियों ने बताया, तीन लोगों की हत्या के बाद मकान के बाहर कई महीनों तक नौचंदी थाने की पुलिस तैनात रही थी। मकान मालिक के बेटे पहले से ही बाहर रहते है, जो बाद में मकान पर अपना ताला लगाकर चले गए। धीरे-धीरे मकान वीरान होने लगा था और उसके अंदर रात में पाजेब की आवाजें आने लगी थी। इस दहशत में एक पड़ोसी ने अपना मकान बेचकर जाने का मन बना लिया था, लेकिन तभी मकान में मंदिर बनने के चर्चा के बाद पड़ोसी ने मकान बेचने के मन बदल दिया था।
इसलिए मंदिर का फैसला लिया
इस्कॉन मंदिर के मुख्य पुजारी चारु गोविंद दास ने बताया, भगवान कृष्ण का हर शहर में एक मंदिर होने चाहिए, इसलिए वह इस्कॉन मंदिर के लिए जगह ढूंढ रहे थे। तभी इस बिल्डिंग के बारे में पता चला। जब जगह ली तो आसपास के लोगों ने तरह-तरह की बातें बताई और सुनाई थी। साथ ही मंदिर के सामने कूड़े का ढेर हुआ करता था। हर बात पर ध्यान रखते हुए इस जगह का निर्णय लेते हुए इसलिए इस स्थान को चुना गया और मंदिर के लिए सोच लिया था। आज सुबह शाम मंदिर में पूजा होती और राधा-कृष्ण के नाम का स्मरण कर यहां के लोग भक्ति रस में तृप्त हो रहे है।