अगर आप आने वाले दिनों में आनंद विहार रेलवे स्टेशन से यात्रा करने वाले हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। यात्रियों की बढ़ती संख्या और स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उत्तर रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। रेलवे ने चार प्रमुख ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदल दिए हैं। यह नया बदलाव 13 मई से लागू भी हो चुका है। स्टेशन पर लगातार उद्घोषणा और डिस्प्ले बोर्ड के जरिए यात्रियों को जानकारी दी जा रही है।
इन ट्रेनों का प्लेटफॉर्म बदला
रेलवे ने जिन ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदले हैं उनमें लिच्छवी एक्सप्रेस, देहरादून वंदे भारत एक्सप्रेस, झारखंड एक्सप्रेस और गोरखपुर हमसफर एक्सप्रेस शामिल हैं। रोजाना इन ट्रेनों से बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। ऐसे में बिना जानकारी स्टेशन पहुंचने पर यात्रियों को परेशानी हो सकती है। इसलिए यात्रा से पहले प्लेटफॉर्म की जानकारी देखना जरूरी हो गया है।
अब किस प्लेटफॉर्म से चलेगी ट्रेन
नए बदलाव के अनुसार लिच्छवी एक्सप्रेस अब प्लेटफॉर्म नंबर 3 की जगह प्लेटफॉर्म नंबर 1 से रवाना होगी। देहरादून वंदे भारत एक्सप्रेस को प्लेटफॉर्म नंबर 1 से हटाकर प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर भेजा गया है। झारखंड एक्सप्रेस अब प्लेटफॉर्म नंबर 5 की जगह प्लेटफॉर्म नंबर 1 से चलेगी। वहीं गोरखपुर हमसफर एक्सप्रेस को प्लेटफॉर्म नंबर 1 से बदलकर प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर शिफ्ट कर दिया गया है।
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भीड़ कम करने की तैयारी
रेलवे सुरक्षा बल ने स्टेशन परिसर में लगातार बढ़ रही भीड़ और यात्रियों की आवाजाही का अध्ययन करने के बाद प्लेटफॉर्म बदलने का सुझाव दिया था। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने इस योजना को मंजूरी दे दी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस बदलाव से यात्रियों की आवाजाही ज्यादा व्यवस्थित होगी और स्टेशन पर भीड़ का दबाव कम किया जा सकेगा।
यात्रियों को क्या करना चाहिए
रेलवे ने यात्रियों से साफ अपील की है कि स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन की जानकारी जरूर जांच लें। कई बार पुराने प्लेटफॉर्म की जानकारी होने के कारण लोग भ्रमित हो जाते हैं। इसलिए स्टेशन के डिस्प्ले बोर्ड और उद्घोषणाओं पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा। इससे अंतिम समय की भागदौड़ और परेशानी से बचा जा सकेगा।
रोजाना हजारों यात्रियों पर असर
इस फैसले का असर रोजाना हजारों यात्रियों पर पड़ने वाला है। खासकर वंदे भारत जैसी लोकप्रिय ट्रेन से यात्रा करने वाले लोगों को अब अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत होगी। रेलवे का मानना है कि यह व्यवस्था यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और स्टेशन को बेहतर तरीके से संचालित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।