Anant Singh Bail Cancellation Case : बिहार की राजनीति में एक बार फिर मोकामा विधायक अनंत सिंह का नाम चर्चा में है। दुलारचंद यादव हत्याकांड में उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जिस मामले में अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिली थी, अब उसी जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। 30 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। अगर अदालत जमानत रद्द करने का आदेश देती है, तो अनंत सिंह को दोबारा जेल जाना पड़ सकता है। वहीं, उनकी राजनीतिक मुश्किलें भी लगातार बढ़ रही हैं।
अनंत सिंह की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
मोकामा के विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड में पटना हाईकोर्ट से 19 मार्च 2026 को जमानत मिली थी। इसके बाद वह जेल से बाहर आ गए थे। अब उनकी जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। 30 अक्टूबर को इस याचिका पर सुनवाई तय है। यह मामला उनके लिए एक बड़ी कानूनी चुनौती बन गया है।
दुलारचंद यादव के पोते ने दाखिल की याचिका
इस मामले में दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अनंत सिंह को मिली जमानत रद्द करने की मांग की है। याचिका में अनंत सिंह के आपराधिक रिकॉर्ड का भी मुद्दा उठाया गया है। अब अदालत में होने वाली सुनवाई से आगे की कानूनी दिशा तय होगी। हालांकि, जमानत रद्द होगी या नहीं, इसका फैसला अदालत ही करेगी।
चुनाव प्रचार के दौरान हुई थी दुलारचंद यादव की मौत
यह पूरा मामला बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान का है। 30 अक्टूबर को मोकामा में चुनाव प्रचार के बीच दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी। उस दौरान दोनों पक्षों के काफिले आमने-सामने आए थे। इस मामले में अनंत सिंह का नाम सामने आया और उन्हें गिरफ्तार किया गया। हालांकि, मामले में आरोप लगना और दोषी साबित होना अलग बातें हैं।
जेल से चुनाव जीते, फिर मिली थी जमानत
अनंत सिंह ने जेल में रहते हुए भी मोकामा से विधानसभा चुनाव जीता था। वह जनता दल यूनाइटेड के टिकट पर मैदान में उतरे थे। करीब पांच महीने जेल में रहने के बाद उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिली और मार्च में वह बाहर आए। अब जमानत को चुनौती मिलने से उनकी मुश्किलें फिर बढ़ती दिखाई दे रही हैं।
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राजनीति में भी बढ़ रही अनंत सिंह की परेशानी
अनंत सिंह की परेशानी सिर्फ अदालत तक सीमित नहीं है। जेडीयू ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में उन्हें और उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया है। उनकी विधायकी को लेकर भी चर्चा चल रही है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई उनके लिए काफी अहम मानी जा रही है। फिलहाल जमानत रद्द होने का कोई निष्कर्ष मानना जल्दबाजी होगी, क्योंकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार आज सुनवाई तय है।