Anant Singh Bail Cancellation : मोकामा के विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने पटना हाईकोर्ट से मिली उनकी जमानत रद्द कर दी है। साथ ही उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है। इस फैसले के पीछे बिहार की सम्राट चौधरी सरकार की ओर से अदालत में रखी गई तीन अहम दलीलें भी चर्चा में हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हत्या के मामले को सिर्फ राजनीतिक विवाद बताकर नहीं देखा जा सकता।
पुराने आपराधिक मामलों का जिक्र
बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में अनंत सिंह के पुराने आपराधिक मामलों का जिक्र किया था। सरकार के मुताबिक, उनके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, अपहरण, रंगदारी और आर्म्स एक्ट समेत कुल 62 मामले दर्ज हैं। सरकार ने अदालत के सामने यह पक्ष रखा कि उनके आपराधिक इतिहास को देखते हुए जमानत दिए जाने पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने फैसले में कहा कि हाईकोर्ट ने अनंत सिंह के पुराने मामलों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।
पहली दलील: चार्जशीट दाखिल हो चुकी है
बिहार सरकार ने बताया कि दुलारचंद यादव हत्याकांड में एसडीपीओ और एसपी स्तर पर जांच की निगरानी के बाद जनवरी 2026 में अनंत सिंह, मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। सरकार का कहना था कि जांच में अनंत सिंह की भूमिका सामने आई है। इसी आधार पर सरकार ने उनकी जमानत रद्द करने की मांग की थी।
दूसरी दलील: 62 आपराधिक मामलों का हवाला
सरकार ने हलफनामे में अनंत सिंह के खिलाफ दर्ज 62 मामलों की जानकारी दी। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण और रंगदारी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। सरकार ने अदालत को बताया कि उनके खिलाफ अलग-अलग समय पर ये मामले दर्ज हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी फैसले में उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को अहम माना और कहा कि हाईकोर्ट को जमानत देते समय इस पहलू पर ध्यान देना चाहिए था।
तीसरी दलील: जेल से बाहर रहना ठीक नहीं
बिहार सरकार ने दलील दी कि दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच में सही पाए गए हैं। ऐसे में उन्हें जमानत पर जेल से बाहर रखना उचित नहीं है। सरकार ने अदालत से उनकी जमानत रद्द करने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत रद्द कर दी। हालांकि, आरोपों पर अंतिम फैसला मुकदमे की सुनवाई के दौरान होगा।
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1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बेटी की शादी का हवाला देकर तुरंत सरेंडर से राहत मांगी थी, लेकिन अदालत ने उनकी मांग स्वीकार नहीं की। कोर्ट ने पुलिस को चार महीने के भीतर जांच पूरी करने का भी निर्देश दिया है। अदालत ने साफ किया कि मामले की जांच जारी है और मुकदमे के दौरान गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।