Anant Singh FIR Case : बिहार की राजनीति में मोकामा के विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पटना पुलिस ने उनके खिलाफ तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। इन मामलों में जन सुराज के एमएलसी उम्मीदवार अनुज सिंह को भी आरोपी बनाया गया है। ये मामले मोकामा और बाढ़ इलाके के तीन थानों में दर्ज हुए हैं। कार्रवाई के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
एमएलसी चुनाव को लेकर विवाद
अनंत सिंह इन दिनों पटना स्नातक एमएलसी चुनाव को लेकर चर्चा में हैं। वह जनता दल यूनाइटेड के उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन कर रहे हैं। इसे जेडीयू के भीतर उनके बागी रुख के तौर पर देखा जा रहा है। इसी बीच पुलिस की कार्रवाई ने इस राजनीतिक विवाद को और चर्चा में ला दिया है।
आचार संहिता उल्लंघन का आरोप
रिपोर्ट के मुताबिक, अनंत सिंह और अनुज सिंह के खिलाफ दर्ज तीनों मामलों में चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही कानून-व्यवस्था से जुड़े उल्लंघन के आरोप भी शामिल हैं। बताया गया है कि चुनाव प्रचार के दौरान नियमों के उल्लंघन की शिकायतों के बाद पुलिस ने ये मामले दर्ज किए। हालांकि, एफआईआर दर्ज होने का मतलब आरोप साबित होना नहीं है।
पटना एसएसपी ने की पुष्टि
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा ने तीनों एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की है। चुनाव के दौरान नियमों का पालन कराने को लेकर पुलिस की कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। प्रशासन का रुख है कि चुनावी गतिविधियों के दौरान कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में अनंत सिंह और अनुज सिंह दोनों के नाम आने से राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है।
अनुज सिंह की मुश्किलें भी बढ़ीं
इन मामलों में अनुज सिंह का नाम शामिल होने से उनके चुनाव प्रचार पर भी सवाल उठ रहे हैं। वह पटना स्नातक एमएलसी सीट से जन सुराज के उम्मीदवार हैं और अनंत सिंह उनका समर्थन कर रहे हैं। ऐसे में दोनों के खिलाफ दर्ज मामलों को चुनावी माहौल से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में एफआईआर से जुड़े आरोपों का पूरा ब्योरा नहीं दिया गया है।
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अनंत सिंह की प्रतिक्रिया का इंतजार
तीन एफआईआर दर्ज होने के बाद अनंत सिंह की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी रिपोर्ट में नहीं दी गई है। अनुज सिंह की प्रतिक्रिया का भी उल्लेख नहीं है। फिलहाल, यह मामला बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। चुनाव प्रचार के दौरान दर्ज इन मामलों का आगे क्या असर होगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।