बिजनेसमैन अनिल अंबानी पर प्रवर्तन निदेशालय का शिकंजा कसता जा रहा है. दरअसल ED ने बिजनेसमैन अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनी रिलायंस पावर के खिलाफ 68 करोड़ रुपये की कथित फर्जी बैंक गारंटी जारी करने से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के मामले में तीसरी गिरफ्तारी कर ली है. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को यह जानकारी साझा की गई. इस बीच शुक्रवार को अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई है. ग्रुप की कंपनियों के शेयर 5 पर्सेट तक लुढ़क गए हैं.
फर्जी बैंक गारंटी मामले में हुई तीसरी गिरफ्तारी
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि अमर नाथ दत्ता नामक व्यक्ति को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के प्रावधानों के तहत गुरुवार को हिरासत में लिया गया था. जिसके बाद एक स्पेशल कोर्ट ने उसे चार दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया है. जांच एजेंसी ने इस जांच के तहत रिलायंस पावर के पूर्व सीएफओ अशोक कुमार पाल और ओडिशा स्थित बिस्वाल ट्रेडलिंक नाम की कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर पार्थ सारथी बिस्वाल को गिरफ्तार किया है। यह मामला सूचीबद्ध कंपनी रिलायंस पावर की सहायक कंपनी रिलायंस एनयू बीईएसएस लिमिटेड की ओर से सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसईसीआई) को जमा की गई 68.2 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी से संबंधित है. जो 'फर्जी' पाई गई. यह कंपनी पहले महाराष्ट्र एनर्जी जेनरेशन लिमिटेड के नाम से जानी जाती थी.
नवंबर 2024 में दर्ज की गई एक प्राथमिकी से जुड़ा है मामला
प्रवर्तन निदेशालय ने ये आरोप लगाया था कि बिस्वाल ट्रेडलिंक बिजनेस ग्रुप्स के लिए 'फर्जी' बैंक गारंटी उपलब्ध कराने का गिरोह चलाती थी. बता दें कि रिलायंस समूह ने पहले कहा था कि अनिल अंबानी 'बोर्ड ऑफ रिलायंस पावर लिमिटेड में 3.5 साल से अधिक समय से नहीं हैं और उनका इस मामले से किसी भी तरह से कोई लेना-देना नहीं है.' मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा नवंबर 2024 में दर्ज की गई एक प्राथमिकी से जुड़ा हुआ है. इसमें आरोप लगाया गया था कि बिस्वाल ट्रेडलिंक 8 प्रतिशत कमीशन पर 'फर्जी' बैंक गारंटी जारी करने में शामिल थी.
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर BSE में 5 पर्सेट गिरे
वहीं शुक्रवार को अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर BSE में 5 पर्सेट लुढ़ककर 174.85 रुपये पर जा पहुंचे हैं. पिछले एक महीने में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में 25 फीसदी से अधिक की गिरावट देखने को मिली है. कंपनी के शेयरों का 52 हफ्ते का हाई लेवल 425 रुपये है. रिलायंस पावर के शेयर भी शुक्रवार को टूटकर 40 रुपये के नीचे जा पहुंचे हैं, कंपनी के शेयर लगातार जारी गिरावट के साथ 39.95 रुपये पर कारोबार कर रहे हैं।