
अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. दरअसल मंगलवार को अनिल अंबानी के मालिकाना हक वाली कंपनी रिलायंस पावर के शेयर धड़ाम हो गए. रिलायंस पावर के शेयर BSE में 7 पर्सेंट से अधिक की गिरावट के साथ 40.68 रुपये पर पहुंच गए हैं. इसके साथ ही अनिल अंबानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर भी 5 पर्सेंट लुढ़क गए हैं. रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में ये गिरावट इंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट के एक बड़े एक्शन के बाद देखने को मिली है.
ED ने अटैच की 3000 करोड़ रुपये की संपत्ति
ED ने शुक्रवार को मनी लॉन्ड्रिंग केस के साथ कनेक्शन में अनिल अंबानी के अगुवाई वाले रिलायंस ग्रुप की 40 प्रॉपर्टीज अस्थायी रूप से अटैच कर दी हैं. इस ग्रुप की इन प्रॉपर्टीज की वैल्यू 3000 करोड़ रुपये बताई जा रही है. अटैच की गई प्रॉपर्टीज में अनिल अंबानी का मुंबई में पाली हिल्स रेजिडेंस और दिल्ली में रंजीत सिंह मार्ग पर स्थित रिलायंस सेंटर शामिल किया गया है. प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद में भी कई प्रॉपर्टीज अटैच की हैं. इसके अलावा, मुंबई, पुणे, हैदराबाद और चेन्नई में भी प्रॉपर्टी अटैच की गई हैं. यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई है.
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर भी हुए धड़ाम
अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर भी मंगलवार को लुढ़क गए. रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर 5 पर्सेंट की गिरावट के साथ 193.70 रुपये पर पहुंच गए हैं. कंपनी के शेयरों ने 52 हफ्ते का अपना नया लो बनाया है. पिछले एक महीने में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में 20 पर्सेंट से अधिक की गिरावट सामने आई है. वहीं इस साल अब तक कंपनी के शेयर 39 पर्सेंट से ज्यादा टूट गए हैं. एक साल में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर 34 पसेंट लुढ़क गए हैं.
रिलायंस इंफ्रा के बोर्ड में नहीं हैं अनिल अंबानी- कंपनी
दूसरी तरफ ED की ओर से की गई कार्रवाई पर रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का बयान सामने आया है. रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने सोमवार को कहा है कि कंपनी की कुछ एसेट्स को इंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत अस्थायी रूप से अटैच किया है लेकिन, स्पष्ट किया है कि इस कदम का बिजनेस ऑपरेशंस या स्टेकहोल्डर्स पर कोई असर नहीं है. कंपनी का कहना है कि अनिल अंबानी साढ़े तीन साल से ज्यादा समय से रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के बोर्ड में नहीं हैं.