उद्योगपति अनिल अंबानी को 420 करोड़ रुपये की कथित टैक्स चोरी के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने फिलहाल उनके खिलाफ अभियोजन, जुर्माने और अन्य दंडात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह राहत उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दी गई, जिसमें अनिल अंबानी ने काला धन कानून के कुछ प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी है। इस फैसले के बाद फिलहाल उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कदम नहीं उठाया जा सकेगा।
कानून की वैधता को दी चुनौती
अनिल अंबानी ने अपनी याचिका में कहा है कि अघोषित विदेशी आय और परिसंपत्तियां तथा कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 के कुछ प्रावधान संविधान के अनुरूप नहीं हैं। उनका तर्क है कि जिन लेनदेन को आधार बनाकर कार्रवाई की जा रही है, वे वर्ष 2006-07 और 2010-11 से जुड़े हैं, जबकि संबंधित कानून वर्ष 2015 में लागू हुआ था। ऐसे में इस कानून को पुराने मामलों पर लागू नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब
जस्टिस बी.पी. कोलाबावाला और जस्टिस फिरदौस पूनीवाला की बेंच ने कहा कि इस कानून से जुड़ी कई अन्य याचिकाएं भी अदालत में लंबित हैं। इसलिए सभी मामलों पर उचित समय पर विस्तृत सुनवाई की जाएगी। अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह इस मामले में अपना जवाब हलफनामे के रूप में दाखिल करे। साथ ही कोर्ट ने यह भी नोट किया कि अनिल अंबानी पहले ही आयकर विभाग के आदेश के खिलाफ अपील दायर कर चुके हैं।
ये भी पढ़ें : 30 जून से बंद होंगे कागजी नोट? RBI और सरकार ने वायरल दावे पर बताई पूरी सच्चाई
क्या हैं आयकर विभाग के आरोप?
आयकर विभाग ने अगस्त 2022 में अनिल अंबानी को नोटिस जारी किया था। विभाग का आरोप है कि उन्होंने स्विट्जरलैंड के दो बैंक खातों में रखी 814 करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी संपत्ति का खुलासा नहीं किया। अधिकारियों के मुताबिक इस राशि पर लगभग 420 करोड़ रुपये का टैक्स बनता है। विभाग का दावा है कि विदेशी बैंक खातों और वित्तीय हितों की जानकारी भारतीय कर अधिकारियों से जानबूझकर छिपाई गई।
अभी अंतिम फैसला बाकी
हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आयकर अपील की प्रक्रिया जारी रह सकती है और संबंधित प्राधिकरण अपना फैसला भी दे सकते हैं। हालांकि जब तक यह याचिका लंबित है, तब तक अनिल अंबानी के खिलाफ अभियोजन या जुर्माने जैसी कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। अब इस मामले में आगे की सुनवाई और केंद्र सरकार के जवाब के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो पाएगी।