दिग्गज उद्योगपति अनिल अंबानी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. दरअसल उनकी कंपनी रिलायंस पावर के रिन्यूएबल एनर्जी वेंचर रिलायंस NU एनर्जीज में हालात ठीक नहीं चल रहे हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक लॉन्च होने के करीब एक साल के अंदर ही कंपनी के सीईओ मयंक बंसल और सीओओ राकेश स्वरूप ने इस्तीफा दे दिया है. ये दोनों ही रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की बड़ी कंपनी ReNew से आए थे. इन दोनों बड़े अधिकारियों के अलावा करीब एक दर्जन और एग्जीक्यूटिव्स ने भी कंपनी से इस्तीफा दे दिया है.
NU एनर्जी यूनिट से कई लोगों ने छोड़ी नौकरी
ये मुश्किलें तब सामने आ रही हैं जब अनिल अंबानी और उनकी कंपनियों पर लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों की कार्रवाई तेज कर दी गई है. हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले को लेकर अनिल अंबानी की 7,500 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति फ्रीज कर दी थी. इसमें ऑफिस, घर और 132 एकड़ से ज्यादा जमीन शामिल है. इंडस्ट्री के एक सूत्रों की मानें तो अनिल अंबानी ग्रुप में चल रही उथल-पुथल के कारण NU एनर्जी यूनिट से कई लोगों ने नौकरी छोड़ दी है. ऐसे में नए लोगों को ढूंढने में थोड़ा समय लग सकता है. मयंक बंसल और राकेश स्वरूप ने इस बारे में कोई भी टिप्पणी करने से साफ तौर पर इनकार कर दिया है.
नए वेंचर
हालांकि रिलायंस पावर के एक प्रवक्ता द्वारा ईमेल के जरिए बताया गया है कि मयंक बंसल और राकेश स्वरूप ने 30 सितंबर को ही इस्तीफा दे दिया था, ताकि वे अपने खुद के नए बिजनेस की शुरुआत कर सकें. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कुछ और कर्मचारियों ने भी स्वेच्छा से उनके साथ जाने का फैसला किया है. इन लोगों को बंसल और स्वरूप ही लेकर आए थे और अब वे उनके नए वेंचर में शामिल होना चाहते हैं.
कंपनी में अभी भी कई अनुभवी कर्मचारी मौजूद
कंपनी का कहना है कि NU एनर्जी के पास अब भी एक मजबूत इंटरनल लीडरशिप टीम और कुशल कर्मचारियों का समूह मौजूद है. वे कई अनुभवी लोगों को कंपनी में लाने की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं. ताकि संगठन को और मजबूत किया जा सके. कंपनी द्वारा यह भी साफ तौर पर कहा गया है कि प्रोजेक्ट्स पर काम पहले की तरह ही चल रहा है और मौजूदा टीम ही इसका नेतृत्व कर रही है.