अनिल अंबानी समूह की दो बड़ी कंपनियों के शेयरों में सोमवार को जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर दोनों ही कंपनियों के शेयर शुरुआती कारोबार में टूटकर लोअर सर्किट के पास पहुंच गए। ईडी की ओर से बैंक गारंटी से जुड़े मामले में पूरक अभियोजन शिकायत दर्ज किए जाने के बाद निवेशकों में घबराहट देखी जा रही है। पिछले छह महीनों में इन मल्टीबैगर शेयरों ने निवेशकों को भारी नुकसान दिया है।
शुरुआत में खुलते ही गिरे शेयर
सप्ताह की शुरुआत शेयर बाजार के लिए कमजोर रही और इसी कमजोरी का असर अनिल अंबानी समूह की कंपनियों पर भी दिखा। सुबह के सत्र में ही रिलायंस इंफ्रा और रिलायंस पावर दोनों के शेयर तेज गिरावट के साथ ट्रेड होते दिखे। रिलायंस इंफ्रा का शेयर 150 रुपये पर खुलने के बाद सीधा गिरकर लोअर सर्किट पर पहुंच गया।
ईडी की शिकायत का पड़ा असर
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, बैंक गारंटी से जुड़े एक मामले में ईडी द्वारा पूरक अभियोजन शिकायत दाखिल किए जाने से शेयरों पर दबाव बढ़ गया। यह शिकायत समूह की दो सब्सिडियरी कंपनियों और कुछ अन्य व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज की गई है। इस एक्शन के बाद निवेशकों ने इन शेयरों से दूरी बनानी शुरू कर दी।
कंपनी ने दी सफाई
कंपनी की ओर से कहा गया कि समूह और उसके कर्मचारियों ने हमेशा ईमानदारी से काम किया है और वे खुद तीसरे पक्ष की धोखाधड़ी के शिकार हैं। साथ ही कंपनी ने स्पष्ट किया कि ईडी की कार्रवाई का उनके संचालन पर किसी प्रकार का असर नहीं होगा।
रिलायंस इंफ्रा और पावर की खराब परफॉर्मेंस
रिलायंस इंफ्रा का शेयर 5% गिरकर 146.97 रुपये पर पहुंच गया, जो इसका नया लो-लेवल है। वहीं रिलायंस पावर का शेयर भी 5% टूटकर 35.75 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। दोनों ही कंपनियों के शेयर छह महीनों में 40%–60% तक गिर चुके हैं।
फिर भी रहे हैं मल्टीबैगर
लगातार गिरावट के बावजूद ये दोनों शेयर लंबे समय में जबरदस्त रिटर्न देने वाले मल्टीबैगर साबित हुए हैं। पाँच साल में रिलायंस पावर ने करीब 810% रिटर्न दिया है, जबकि रिलायंस इंफ्रा ने निवेशकों की पूंजी पाँच गुना बढ़ाई है। हालांकि मौजूदा हालात ने इन शेयरों की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।