
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पशु चिकित्सा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल होने जा रही है। यहां सितंबर से जानवरों के लिए प्रदेश का पहला और सरकारी क्षेत्र का दूसरा ब्लड बैंक शुरू होने जा रहा है। इस ब्लड बैंक की शुरुआत छोटे जानवरों जैसे कुत्ते, बिल्ली और बकरी के लिए की जाएगी, जिसमें इमरजेंसी के वक्त खून उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा भोपाल के राज्य पशु चिकित्सालय में शुरू की जा रही है, जो प्रदेश का सबसे बड़ा पशु अस्पताल है। आने वाले समय में इसमें बड़े जानवरों के लिए भी ब्लड की सुविधा जोड़ी जाएगी।
पशु चिकित्सा में पहली बार ब्लड बैंक की सुविधा
अब तक गंभीर रूप से बीमार या घायल जानवरों के इलाज में सबसे बड़ी समस्या रक्त की होती थी। पशु चिकित्सकों के पास ब्लड चढ़ाने की सुविधा तो होती थी, लेकिन ब्लड बैंक न होने की वजह से जरूरत पड़ने पर रक्त मिलना कठिन होता था। यह नया ब्लड बैंक इस परेशानी को दूर करेगा और जानवरों के लिए आपात स्थिति में रक्त जीवन रक्षक साबित होगा।
छोटे जानवरों से होगी शुरुआत, फिर बड़े पशु शामिल होंगे
अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में कुत्ते, बिल्ली और बकरी जैसे छोटे जानवरों का ब्लड एकत्र किया जाएगा। इसके लिए ब्लड ग्रुप की पहचान और स्टोरेज की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। आगे चलकर गाय, घोड़ा, भैंस जैसे बड़े जानवरों को भी इस सुविधा में शामिल किया जाएगा। पशु पालकों को जागरूक कर स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया जाएगा।
प्रक्रिया पूरी, सितंबर से मिलेंगी सेवाएं
इस योजना को केंद्र सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सहयोग से अमल में लाया जा रहा है। केंद्रीय सचिव अलका उपाध्याय के मार्गदर्शन में सभी तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। राज्य पशु चिकित्सालय में स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया है और उपकरण स्थापित किए जा चुके हैं। सितंबर के पहले सप्ताह से यह सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
ओपीडी में रोजाना आते हैं सैकड़ों केस
राज्य पशु चिकित्सालय में हर दिन 200 से 400 जानवरों की ओपीडी होती है। यहां सर्जरी, प्रसव, और जटिल बीमारियों का इलाज किया जाता है। इस ब्लड बैंक के शुरू होने से अब गंभीर ऑपरेशन और आपात स्थिति में जानवरों को समय पर खून मिल सकेगा, जिससे उनकी जान बचाई जा सकेगी।