लखनऊ। यूपी में कई ऐसे सफल पशुपालक और दुग्ध उत्पादक हैं जो महीने में लाखों की कमाई करते हैं और अपने क्षेत्र में काफी सफल हैं। हालांकि ऐसे पशुपालकों की कहानी लोगों के सामने नहीं है। ऐसे उद्यमियों की सफलता की कहानी पशुपालन विभाग सार्वजनिक करेगा, ताकि दुग्ध व्यवसाय करने वालों को प्रेरणा मिले और अतिरिक्त कमाई कर सकें। इसके तहत पशुपालन विभाग ने हाल ही में एक व्हाट्सएप चैनल लॉन्च किया है। जिस पर सफल लोगों के वीडियो प्रसारित किए जाएंगे। साथ ही सफल दुग्ध उत्पादकों के कार्यस्थलों को विजिट कराने की योजना है।
व्हाट्सएप चैनल लांच
प्रदेश के प्रमुख सचिव पशुपालन एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम का कहना है कि प्रदेश के सफल पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों की सफलता की कहानी हम प्रगतिशील पशुपालकों को और दुग्ध उत्पादकों को सुनाएंगे। हाल ही में एक व्हाट्सएप चैनल लांच किया है। इस चैनल पर सफल पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों के अनुभव के वीडियो प्रसारित किए जाएंगे। साथ ही पशुपालन विभाग की सब्सिडी वाली योजनाओं की जानकारी साझा की जाएगी। प्रगतिशील पशुपालकों को विजिट भी कराए जाएंगे। जिससे ग्राउंड स्तर पर होने वाली गतिविधियों से सीख लेंगे।
एमबीबीएस करने के बाद शुरू किया गाय पालन
हरदोई के रहने वाले शिवम गांधी एमबीबीएस करने के बाद गाय पालन और दुग्ध उत्पादन का रास्ता चुना। मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना से लाभ प्राप्त कर वर्ष 2024-25 में इस धंधे में कदम रखा। ई लॉटरी के माध्यम से चयन होने के बाद इकाई की स्थापना के लिए अनुदान की पहले किस्त 5,90,000 प्राप्त हुई। इससे दूसरे राज्यों से 7 साहीवाल और तीन गिर गायें खरीद कर दुग्ध उत्पादन शुरू किया। इसके बाद शिवम गांधी ने खुद आय के जनक बने। साथ ही साथ कई गांववालों को रोजगार भी प्रदान किया।
4100 लीटर करते हैं दुग्ध उत्पादन
हापुड़ के रहने वाले अशोक कुमार बीए पास हैं। कृषि और पशुपालन का व्यवसाय है। 4100 लीटर वार्षिक दुग्ध उत्पादन करते हैं और सवा दो लाख तक की उनकी इनकम होती है। स्वदेशी गो-पालन के क्षेत्र में वे एक सफल और प्रेरणादायक गोपालक के रूप में कार्य कर रहे हैं। नंद बाबा दुग्ध मिशन योजना के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री स्वदेशी गो संवर्धन योजना 2024-25 में आवेदन किया था। जिसमें ई-लॉटरी के माध्यम से चयन होने के बाद हरियाणा से दो स्वदेशी नस्ल की साहीवाल गायें खरीद कर लाए और यहीं से उनकी जिंदगी बदल गई।