अमेरिका से भारत डिपोर्ट किए जाने के बाद गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को एनआईए ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है। वह 2022 से फरार बताया जा रहा था। उसे कई गंभीर मामलों में एनआईए की तलाश थी। लॉरेंस बिश्नोई को सजा मिलने के बाद से अनमोल बिश्नोई ही इन गैंग का सारा काम देखता था। 2020 से 2023 के बीच वो लॉरेंस बिश्नोई और विदेश में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बरार को भारत में कई आपराधिक और आतंकी वारदातों को अंजाम देने में सहायता करता रहा।
किस नाम से अमेरिका गया था अनमोल बिश्नोई?
अमेरिका के कैलिफोर्निया स्टेट के लॉस एंजलेस शहर में अनमोल बिश्नोई को पकड़ा गया। यूएस इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने ट्रैवल डॉक्यूमेंट को जांचते समय भानू प्रताप नाम के एक शख्स को पकड़ा था। अमेरिकी अधिकारी को उस पर शक हुआ। उन्होंने पूछताछ शुरू की, जिसमें खुलासा हुआ कि भानु नाम का यह शख्स कोई और नहीं बल्कि 10 लाख का इनामी अनमोल बिश्नोई है। अमेरिका में एंट्री को लेकर कई फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे।
रूसी पासपोर्ट और जाली दस्तावेज मिले
अनमोल बिश्नोई का अमेरिका से कनाड़ा अकसर जाना हुआ करता था। उसके पास से कथित तौर पर एक रूसी पासपोर्ट भी मिले थे। बीते वर्ष बाबा सिद्दीकी की हत्या और बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के घर पर फायरिंग करने के केस में वह मोस्ट वांटेड था। उस पर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और महाराष्ट्र सहित देश के कई राज्यों में हत्या, हत्या का प्रयास, उगाही करने, खतरनाक हथियार रखने के साथ संगठित अपराध में शामिल होने जैसे गंभीर मामले दर्ज किए गए हैं।
अमेरिका से आतंकी सिंडिकेट को चला रहा था अनमोल
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई को दिल्ली की कोर्ट में पेश किया. साल 2022 से वह फरार था। उसे अमेरिका में बंद किया गया था। अनमोल जेल में बंद अपने भाई लॉरेंस बिश्नोई की अगुवाई वाले आतंकी-सिंडिकेट में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वह 19वां आरोपी है.