
हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर यात्रा करने वालों के लिए टोल टैक्स देना अब आसान हो गया है. देश में अब एनुअल FASTag पास की सुविधा शुरू हो गई है. यह पास 15 अगस्त से पूरे देश में लागू हो गया है. इसके जरिए गाड़ी मालिक बिना हर बार टोल देने की झंझट के, सालभर आसानी से यात्रा कर सकेंगे. इस पास की कीमत 3000 रुपये है और इसकी वैधता एक साल या 200 ट्रिप्स तक रहेगी. इनमें से जो शर्त पहले पूरी होगी, वही लागू मानी जाएगी.
अगर 5 महीने में ही पूरे हो जाएं 200 ट्रिप्स?
कई लोगों के मन में सवाल है कि अगर कोई ज्यादा ट्रैवल करता है और सिर्फ 5 महीने में ही 200 ट्रिप्स पूरे कर लेता है तो फिर बाकी साल वह कैसे सफर करेगा? इस स्थिति में वाहन मालिक के पास दो विकल्प होंगे:
1. एनुअल FASTag पास को फिर से रिन्यू करवा सकता है. इसके लिए उसे दोबारा 3000 रुपये चुकाने होंगे और नई वैलिडिटी मिल जाएगी.
2. साधारण FASTag से भुगतान कर सकता है. यानी हर टोल पर पहले की तरह राशि उसके खाते से कटेगी.
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एनुअल FASTag पास कैसे खरीदें?
एनुअल पास लेना बहुत ही आसान प्रक्रिया है. इसके लिए दो तरीके हैं:
Rajmarg Yatra ऐप
NHAI की आधिकारिक वेबसाइट https://nhai.gov.in/#/
यहां आपको गाड़ी का नंबर और FASTag की जानकारी भरनी होगी. पेमेंट करने के बाद पास तुरंत आपके FASTag से लिंक हो जाएगा. इसके बाद इसे एक्टिवेट करना होता है.
इसके फायदे क्या हैं?
Annual FASTag Pass ke एक या दो नहीं बल्कि कई सारे फायदे हैं. आइए जानते हैं इसके बारे में -
हर टोल पर अलग से भुगतान करने की जरूरत नहीं होती है.
बार-बार ट्रांजैक्शन की झंझट खत्म हो जाएगा.
ये ज्यादा सफर करने वालों के लिए किफायती विकल्प है.
कुल मिलाकर अगर कोई साल भर बहुत ज्यादा सफर करता है और 200 ट्रिप्स जल्दी पूरे हो जाते हैं, तो उसे या तो पास रिन्यू कराना होगा या फिर साधारण FASTag से टोल चुकाना होगा.