कानपुर और लखनऊ के लोगों के लिए वो पल आने वाला है जिसका इंतजार सालों से था. राजधानी और औद्योगिक नगरी के बीच अब सफर बेहद आसान होने जा रहा है. जिस दूरी को तय करने में पहले घंटों लग जाते थे, वही दूरी अब सिर्फ 1 घंटे में पूरी होगी. कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे इसी साल बनकर तैयार हो रहा है और दिसंबर से पहले इसका ट्रायल रन भी शुरू कर दिया जाएगा. इसे कानपुर-लखनऊ के लोगों के लिए एक बड़ा तोहफा माना जा रहा है.
दिसंबर तक पूरा होगा काम
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की रिपोर्ट साफ करती है कि ज्यादातर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. बस कुछ छोटे पैच और बिजली विभाग की लो-टेंशन लाइन हटाने का काम बाकी है, जो 14 सितंबर से शुरू होकर दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा. इसके बाद दिसंबर के दूसरे हफ्ते में निरीक्षण होगा और क्रिसमस या नए साल से पहले गाड़ियां फर्राटा भरेंगी. करीब 4,700 करोड़ की लागत से बन रहा ये एक्सप्रेसवे 63 किलोमीटर लंबा होगा, जो लखनऊ के शहीद पथ से शुरू होकर कानपुर की रिंग रोड तक पहुंचेगा. फिलहाल इसे 6 लेन में बनाया गया है, लेकिन भविष्य में 8 लेन तक विस्तार किया जा सकेगा.
पूरी तरह एक्सेस-कंट्रोल्ड होगा एक्सप्रेसवे
इस एक्सप्रेसवे की सबसे खास बात है कि ये पूरी तरह एक्सेस-कंट्रोल्ड होगा. मतलब गाड़ियां कहीं से भी प्रवेश नहीं कर पाएंगी, सिर्फ तय एंट्री-एग्जिट प्वाइंट होंगे। इससे ट्रैफिक का दबाव और हादसों की संभावना घटेगी। खासतौर पर लखनऊ के अयोध्या रोड पर जहां अक्सर जाम और दुर्घटनाएं होती हैं, वहां अब दो मोटरेबल अंडरपास बनाए जा रहे हैं। इससे पैदल यात्री और छोटे वाहन सुरक्षित तरीके से सड़क पार कर पाएंगे। अब न जाम की टेंशन, न ओवरलोड ट्रैफिक – सिर्फ तेज और आरामदायक सफर.
रोजगार, निवेश के खुलेंगे अफसर
ये एक्सप्रेसवे सिर्फ सफर को आसान नहीं करेगा, बल्कि यूपी के उद्योग, व्यापार और प्रशासन को भी नई दिशा देगा. कानपुर के व्यापारी लखनऊ जल्दी पहुंच सकेंगे और राजधानी के फैसले औद्योगिक नगरी तक तेजी से पहुंचेंगे. रोजगार, निवेश और व्यापार के नए अवसर खुलेंगे. यही वजह है कि इसे केवल सड़क नहीं, बल्कि यूपी के विकास का नया हाईवे कहा जा रहा है.