चेन्नई सुपर किंग्स की प्लेऑफ की उम्मीदों को बड़ा झटका तब लगा, जब पहले ही बाहर हो चुकी लखनऊ सुपर जायंट्स ने उसे 7 विकेट से हरा दिया। लखनऊ ने 188 रन का लक्ष्य सिर्फ 17 ओवर के अंदर हासिल कर लिया। इस जीत में मिचेल मार्श और निकोलस पूरन ने ऐसी बल्लेबाजी की, जिसने चेन्नई के गेंदबाजों की पूरी रणनीति बिखेर दी। लेकिन सबसे ज्यादा मुश्किलों में तेज गेंदबाज अंशुल कम्बोज नजर आए।
आकाश चमके, कम्बोज बिखरे
एक तरफ लखनऊ के तेज गेंदबाज आकाश सिंह ने सीजन के अपने पहले ही मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए 26 रन देकर 3 विकेट लिए। दूसरी ओर चेन्नई के अंशुल कम्बोज थे, जो इस सीजन में शानदार लय में थे और पर्पल कैप की दौड़ में बने हुए थे। लेकिन इस मुकाबले में सबकुछ उल्टा हो गया और कम्बोज का सबसे खराब दिन देखने को मिला।
मार्श ने मचाया गेंदबाजी का तूफान
अंशुल कम्बोज ने पावरप्ले में गेंदबाजी शुरू की। पहले ओवर में ही 11 रन चले गए। लेकिन असली तबाही उनके दूसरे ओवर में आई। पारी के पांचवें ओवर में मिचेल मार्श ने शुरुआती चार गेंदों पर लगातार चार छक्के जड़ दिए। ओवर का अंत चौके के साथ हुआ। सिर्फ दो ओवर में कम्बोज 39 रन लुटा चुके थे और कप्तान ने उन्हें लंबे समय तक गेंदबाजी से दूर रखा।
पूरन ने पूरी कर दी बर्बादी
इसके बाद 17वें ओवर में अंशुल को फिर गेंद थमाई गई। तब लखनऊ को जीत के लिए सिर्फ 24 रन चाहिए थे। निकोलस पूरन ने आते ही पहली चार गेंदों पर लगातार चार छक्के जड़ दिए और मैच खत्म कर दिया। इस तरह कम्बोज के खिलाफ सिर्फ 10 गेंदों में कुल 8 छक्के लगे और मैच पूरी तरह चेन्नई के हाथ से निकल गया।
आईपीएल इतिहास का सबसे खराब रिकॉर्ड
अंशुल कम्बोज ने मैच में कुल 2.4 ओवर गेंदबाजी की और 63 रन लुटाए। उनका इकॉनमी रेट 23.6 रहा। आईपीएल इतिहास में कम से कम दो ओवर डालने वाले गेंदबाजों में यह सबसे खराब इकॉनमी रेट बन गया। उन्होंने वॉशिंगटन सुंदर का पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।
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एक और शर्मनाक रिकॉर्ड जुड़ा
इतना ही नहीं, अंशुल कम्बोज आईपीएल इतिहास के पहले ऐसे गेंदबाज बन गए जिनके खिलाफ एक ही मैच में दो अलग-अलग ओवरों में चार-चार छक्के लगे। उन्होंने कुल 16 गेंदें फेंकीं और इनमें से 11 गेंदों पर बाउंड्री पड़ी। बिना विकेट लिए यह मुकाबला उनके लिए यादगार नहीं बल्कि बेहद दर्दनाक बन गया।