
भाजपा सांसद और केंद्रीय नेता अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के हालिया बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी. राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर पक्षपात और ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर आरोप लगाए थे, जिस पर अनुराग ठाकुर ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर देश में किसी एक नेता के नेतृत्व में सबसे ज्यादा चुनाव हारने का रिकॉर्ड है, तो वह राहुल गांधी के नाम है. उनके नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी अब तक 90 चुनाव हार चुकी है और यह कोई छोटा आंकड़ा नहीं है.
राहुल की नेतृत्व क्षमता पर उठाया सवाल
अनुराग ठाकुर ने आगे कहा कि राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल सिर्फ भाजपा ही नहीं उठाती, बल्कि उनकी अपनी पार्टी के भीतर भी इस पर चर्चा होती है. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी हर चुनाव हार के बाद ईवीएम पर संदेह जताते हैं या मतदाताओं को दोषी ठहराते हैं, लेकिन अपनी गलतियों और कमजोर रणनीति पर कभी गौर नहीं करते. ठाकुर ने याद दिलाया कि कांग्रेस ने पहले कहा था कि ईवीएम भाजपा के पक्ष में सेट होती है, फिर उन्होंने मांग की कि ईवीएम पर रोक लगाकर पुराने बैलेट पेपर वापस लाए जाएं. इसके बाद उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईवीएम को दूर से हैक किया जा सकता है.
कांग्रेस पर हार का विश्लेषण न करने का आरोप
भाजपा सांसद का कहना था कि कांग्रेस ने कभी भी अपनी हार का गंभीर विश्लेषण नहीं किया और लगातार ईवीएम, चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने दावा किया कि अब जब कांग्रेस को बिहार चुनाव में हार का डर है तो वह पहले से ही विपक्षी दलों के साथ मिलकर चुनाव प्रक्रिया पर झूठे आरोप गढ़ने और माहौल खराब करने में जुटी हुई है. अनुराग ठाकुर ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सबसे ऊपर होता है और बार-बार हार के बाद दोषारोपण की राजनीति करना न तो जनता का विश्वास जीत सकता है और न ही पार्टी की स्थिति सुधार सकता है. उन्होंने कांग्रेस से आग्रह किया कि वह हार के बहाने खोजने के बजाय जनता के मुद्दों पर गंभीरता से काम करे और आत्मनिरीक्षण करे.