Anush Agarwalla : भारत के स्टार घुड़सवारी खिलाड़ी अनुष अगरवाला ने एशियन गेम्स 2026 से बाहर होने के बाद अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की है। एशियन गेम्स 2022 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे अनुष ने सोशल मीडिया पर लंबा संदेश लिखकर कहा कि उनका एशियन गेम्स खेलने का सपना अब खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा दुख इस बात का है कि उन्हें खुद को साबित करने का पूरा मौका ही नहीं मिला।
गोल्ड मेडल जीतकर बढ़ाया था देश का मान
अनुष अगरवाला भारतीय घुड़सवारी के बड़े नामों में गिने जाते हैं। उन्होंने एशियन गेम्स 2022 में टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक भी अपने नाम किया था। ऐसे में इस बार एशियन गेम्स टीम से बाहर होना उनके लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
चयन प्रक्रिया पर उठाए सवाल
25 वर्षीय खिलाड़ी को शुरुआत में भारतीय टीम के लिए रिजर्व खिलाड़ी के तौर पर चुना गया था। बाद में उन्हें अंतिम टीम से बाहर कर दिया गया। इसी फैसले के बाद विवाद शुरू हुआ। अनुष का कहना है कि चयन प्रक्रिया को लेकर कई सवाल हैं और नियमों की व्याख्या जिस तरह की गई, उससे वह सहमत नहीं हैं।
कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
इस मामले को लेकर अनुष अगरवाला ने कानूनी रास्ता भी अपनाया था। उन्होंने चयन प्रक्रिया को चुनौती दी, लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि चयन तय नियमों के अनुसार किया गया है। इसके बाद उनके एशियन गेम्स में खेलने की उम्मीद लगभग समाप्त हो गई।
फेडरेशन, आईओए और मंत्रालय पर नाराजगी
अपने संदेश में अनुष ने दावा किया कि उन्होंने इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया, भारतीय ओलंपिक संघ और खेल मंत्रालय तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन कहीं से भी समाधान नहीं मिला। उन्होंने कहा कि नतीजे को स्वीकार करना अलग बात है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि प्रक्रिया पूरी तरह सही थी।
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खिलाड़ियों के लिए पारदर्शिता की मांग
अनुष अगरवाला ने कहा कि भारतीय खेलों में चयन प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी होनी चाहिए। उनका मानना है कि खिलाड़ियों की वर्षों की मेहनत का सम्मान होना चाहिए और उन्हें निष्पक्ष अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर भारत को वास्तव में खेल महाशक्ति बनना है तो खिलाड़ियों को ऐसा तंत्र मिलना चाहिए जिसमें भरोसा और पारदर्शिता दोनों हों।