भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की जूनियर क्रिकेट समिति ने श्रीलंका दौरे के लिए भारत की अंडर-19 टीम का एलान कर दिया है। इस दौरे पर टीम इंडिया 3 वनडे और 2 मल्टी-डे मुकाबले खेलेगी। सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व भारतीय कप्तान और कोच राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ की हो रही है, जिन्हें वनडे टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर मौका मिला है। चयन के बाद क्रिकेट जगत में उनकी एंट्री को लेकर उत्साह बढ़ गया है।
यशवर्धन को मिली कप्तानी
दोनों सीरीज के लिए यशवर्धन सिंह चौहान को कप्तान बनाया गया है। वहीं लक्ष्य रायचंदानी को उपकप्तान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चयनकर्ताओं ने कप्तानी में निरंतरता बनाए रखते हुए दोनों प्रारूपों में एक ही नेतृत्व समूह पर भरोसा जताया है। टीम में कई युवा खिलाड़ियों को भी मौका मिला है, जिन्होंने घरेलू स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है।
अन्वय द्रविड़ पर रहेगी नजर
वनडे टीम में अन्वय द्रविड़ को विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में चुना गया है। वह पूर्व भारतीय दिग्गज राहुल द्रविड़ के छोटे बेटे हैं। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब उनके प्रदर्शन पर रहेगी। अन्वय के अलावा रजत बघेल को भी विकेटकीपर के रूप में टीम में शामिल किया गया है। चयनकर्ताओं को उम्मीद है कि दोनों खिलाड़ी बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग में टीम को मजबूती देंगे।
वनडे सीरीज से होगी शुरुआत
भारत और श्रीलंका के बीच अंडर-19 वनडे सीरीज की शुरुआत 4 जुलाई से हम्बनटोटा में होगी। दूसरा मुकाबला 6 जुलाई और तीसरा मैच 9 जुलाई को खेला जाएगा। यह सीरीज युवा खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मानी जा रही है। कई खिलाड़ी इसी प्रदर्शन के दम पर आगे इंडिया-ए और सीनियर टीम की राह बनाने की कोशिश करेंगे।
मल्टी-डे सीरीज भी अहम
वनडे सीरीज के बाद दोनों टीमें 2 मल्टी-डे मुकाबले खेलेंगी। पहला मैच 13 से 16 जुलाई तक गाले में और दूसरा मुकाबला 20 से 23 जुलाई तक कोलंबो में होगा। मल्टी-डे क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए बेहद अहम माना जाता है। इसी वजह से चयनकर्ताओं ने इस प्रारूप के लिए कुछ अलग खिलाड़ियों को भी मौका दिया है।
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भविष्य के सितारों पर नजर
श्रीलंका दौरा भारतीय क्रिकेट के भविष्य को देखने का एक बड़ा अवसर होगा। यशवर्धन सिंह चौहान, लक्ष्य रायचंदानी, अन्वय द्रविड़, कुशाग्र ओझा और अन्य युवा खिलाड़ियों पर खास नजर रहेगी। बीसीसीआई की कोशिश है कि अंडर-19 स्तर पर मजबूत खिलाड़ियों की नई फौज तैयार की जाए, जो आने वाले वर्षों में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व कर सके।