Apara Ekadashi 2025: सनातन पंचाग के मुताबिक आज यानि 23 मई को पूरे देश में अपरा एकादशी का त्योहार मनाया जा रहा है. यह त्योहार ज्येष्ठ महीने के कृष्ण पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को मनाया जाता है..इसे अपरा एकादशी या अचला एकादशी के नाम से जाना जाता है. वैसे तो पूरे वर्ष कई एकादशी तिथि पड़ती है, लेकिन ज्येष्ठ माह की यह एकादशी बहुत पुण्यदायी और फलदायी मानी जाती है. यहां बात हो रही है एकादशी का महाभारत से क्या संबंध हैं?
क्या है मान्यता?
मान्यता है कि आज के दिन भगवान विष्णु के त्रिविक्रम स्वरूप या फिर वामन अवतार की पूजा का विधान है. आज के दिन सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग रहेगा. वहीं 24 मई को पारण सुबह 05:26 से 06:11 तक किया जा सकेगा.
पांडवों ने पाई थी विजय
जानकारी के मुताबिक अपरा एकादशी व्रत की कथा महाभारत व पुराणों में देखने को मिलती है. बताया जाता है कि अपरा एकादशी के दिन उपवास पर पूजा अर्चना कर पांडवनों ने कौरवों से युद्ध में विजय पाई थी.. अपरा एकादशी व्रत की महिमा महाभारत और पुराणों में भी बताई गई है. इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं अपने मुख से इस एकादशी व्रत की महिमा का बखान किया है. श्रीकृष्ण ने ही पांडवों को इस एकादशी के बारे में बताया, जिसके बाद पांडवों ने यह व्रत किया और महाभारत युद्ध में वे विजय हुए. ऐसा धार्मिक कथाओं में वर्णन मिलता है.