Abhijit Dipke Appeal to Sonam Wangchuk: लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के लंबे समय से जारी अनशन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने उनसे स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आंदोलन किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है और यदि वांगचुक अनशन समाप्त भी कर देते हैं, तब भी विरोध प्रदर्शन पहले की तरह जारी रहेगा। दीपके ने कहा कि उनका उद्देश्य शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को आगे बढ़ाना है।
25वें दिन की भूख हड़ताल पर जताई चिंता
एक वीडियो संदेश में अभिजीत दीपके ने कहा कि सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 25वें दिन में पहुंच चुकी है, जो उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक बिना भोजन के रहना जानलेवा साबित हो सकता है। दीपके ने वांगचुक से आग्रह किया कि वे अपनी जान जोखिम में न डालें और अनशन समाप्त कर दें, क्योंकि आंदोलन को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी समर्थक मिलकर निभाएंगे।
अनशन खत्म होने के बाद भी जारी रहेगा आंदोलन
दीपके ने भरोसा दिलाया कि यदि सोनम वांगचुक अनशन समाप्त कर देते हैं, तब भी आंदोलन नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन जारी रहेगा और समर्थक अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से उठाते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जाते।
We request @Wangchuk66 sir to end his hunger strike. The country needs him, and his life is far too precious to be put at further risk.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 22, 2026
The peaceful protest at Jantar Mantar will continue until our demands are met. pic.twitter.com/rCfygpuCH6
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समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील
अभिजीत दीपके ने अपने समर्थकों से अपील की कि वे पूरे आंदोलन के दौरान संयम और शांति बनाए रखें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा, भड़काऊ नारेबाजी या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली गतिविधियों का आंदोलन से कोई संबंध नहीं है। उनके अनुसार, विरोध प्रदर्शन पूरी तरह लोकतांत्रिक और अहिंसक रहेगा, ताकि किसी भी स्तर पर देश या आंदोलन की छवि को नुकसान न पहुंचे।
मेदांता अस्पताल में चल रहा है इलाज
सोनम वांगचुक को हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने पर संतोष जताया। अब वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति और आंदोलन की आगामी दिशा पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।