उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) केंद्र के लिए आठ एकड़ जमीन देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह प्रस्ताव मंज़ूर किया गया. ताकि मंदिर शहर और आसपास के संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को और प्रभावी बनाया जा सके. प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि यह जमीन अयोध्या सदर तहसील के गौरा बारिक छावनी क्षेत्र में स्थित है. इसे 99 साल के पट्टे पर केंद्र को निशुल्क, लेकिन कुछ शर्तों और प्रतिबंधों के साथ हस्तांतरित किया जाएगा.
कैसे होगा आवंटन?
इसके लिए कुल आठ एकड़ जमीन को को कवर किया जाएगा. जिसमें अयोध्या सदर तहसील, परगना हवेली अवध, गौरा बारिक छावनी की जमीन 99 साल के लिए बिना किसी मूल्य के, सर्किल रेट्स पर रियायती दर लागू करने के साथ
भूमि हस्तांतरण का काम होगा. यह निर्णय भविष्य में अन्य आवंटनों के लिए उदाहरण नहीं माना जाएगा.
क्या है मकसद?
राम मंदिर, शहर, भक्तों और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए NSG कमांडो को त्वरित तैनाती की सुविधा मिलेगी.
खासतौर पर राम मंदिर के बाद सुरक्षा उपायों को और सुदृढ़ बनाना राज्य सरकार का लक्ष्य है.
इस केंद्र के साथ NSG के कुल आठ हब बनेंगे. वर्तमान में मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद और गांधीनगर में पांच पहले से सक्रिय हैं.
भविष्य की कार्ययोजना पर एक नजर
पिछले दिनों प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और हब स्थापना की रूपरेखा तैयार की गई है. इसके अलावा कमांडो को विशेष हथियार, एंटी‑ड्रोन तकनीक और प्रशिक्षण रेंज उपलब्ध कराई जाएगी.
यह कदम अयोध्या में सुरक्षा बुनियादी ढांचे को सशक्त करने की राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है. शहर में बढ़े श्रद्धालुओं और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह NSG हब रणनीतिक दृष्टि और प्रभावी प्रतिक्रिया का प्रतीक बनेगा.