नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही आम लोगों को महंगाई का झटका लगा है। 1 अप्रैल से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में भारी बढ़ोतरी की गई है, जिससे कारोबारियों पर सीधा असर पड़ेगा। इसके साथ ही एयर टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिसके चलते हवाई यात्रा भी महंगी हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, जिसका असर अब यात्रियों की जेब पर दिखेगा।
एटीएम और बैंकिंग नियमों में बदलाव
बैंकों ने एटीएम ट्रांजैक्शन को लेकर नियम सख्त कर दिए हैं। अब तय सीमा के बाद हर निकासी पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा। कुछ बैंकों ने फ्री ट्रांजैक्शन की संख्या घटाई है, जबकि असफल ट्रांजैक्शन पर भी पेनल्टी लागू की गई है। इसके अलावा कई बैंकों ने डेली विड्रॉल लिमिट भी कम कर दी है। इन बदलावों से आम ग्राहकों को अब बैंकिंग में ज्यादा सतर्क रहना होगा।
टैक्स और निवेश से जुड़े नए नियम लागू
इस साल से नया इनकम टैक्स सिस्टम लागू कर दिया गया है, जिससे टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाने की कोशिश की गई है। अब फाइनेंशियल ईयर और असेसमेंट ईयर के बजाय एक ही टैक्स ईयर का कॉन्सेप्ट लागू होगा। वहीं शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए भी बदलाव हुए हैं। सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स बढ़ने से ट्रेडिंग अब पहले से महंगी हो गई है, खासकर फ्यूचर और ऑप्शन सेगमेंट में।
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नौकरीपेशा और पैन कार्ड नियम बदले
नए लेबर कोड लागू होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव आएगा। बेसिक सैलरी बढ़ने से पीएफ ज्यादा कटेगा और हाथ में मिलने वाली सैलरी कम हो सकती है। वहीं पैन कार्ड से जुड़े नियम भी सख्त हो गए हैं। अब सिर्फ आधार के जरिए पैन बनवाना संभव नहीं होगा, इसके लिए अतिरिक्त दस्तावेज देने होंगे। बड़े लेनदेन में भी पैन दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है।
यात्रा और टोल से जुड़े नियम भी बदले
फास्टैग का सालाना पास महंगा कर दिया गया है, जिससे हाईवे पर सफर करने वालों का खर्च बढ़ेगा। वहीं रेलवे टिकट कैंसिलेशन के नियम भी बदल गए हैं। अब समय के अनुसार रिफंड तय होगा और देर से टिकट रद्द करने पर ज्यादा कटौती होगी। इससे यात्रियों को पहले से ज्यादा प्लानिंग करनी होगी।
बैंक छुट्टियों और दिनचर्या पर असर
अप्रैल महीने में बैंकों की छुट्टियां भी ज्यादा हैं, जिससे कामकाज प्रभावित हो सकता है। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि बैंक जाने से पहले छुट्टियों की सूची जरूर देख लें। कुल मिलाकर 1 अप्रैल से लागू हुए ये बदलाव सीधे तौर पर आम लोगों के खर्च, बचत और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने वाले हैं, इसलिए इनके बारे में जानकारी रखना बेहद जरूरी है।