भोपाल में सिविल जज की तैयारी कर रही अर्चना तिवारी की रहस्यमयी गुमशुदगी को अब 8 दिन हो चुके हैं, लेकिन पुलिस के हाथ अभी भी खाली हैं। रक्षाबंधन पर घर लौटते वक्त ट्रेन से अचानक लापता हुई अर्चना की खोज अब तेज कर दी गई है। पुलिस न केवल उसके हॉस्टल जाकर छात्राओं से पूछताछ करेगी, बल्कि नर्मदा एक्सप्रेस के सभी प्रमुख स्टेशनों पर भी जांच करेगी। मामले में कई नए पहलुओं पर काम हो रहा है और छह टीमें लगातार जुटी हुई हैं।
हॉस्टल और सहपाठियों से सुराग की तलाश
पुलिस अब उस हॉस्टल में जाएगी जहां अर्चना रहती थी। वहां की छात्राओं और स्टाफ से बातचीत कर उसके निजी जीवन और हाल के दिनों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जाएगी। जांच अधिकारी मानते हैं कि इससे अर्चना की मानसिक स्थिति और किसी संभावित दबाव के बारे में पता चल सकता है।
ट्रेन के हर स्टेशन पर जांच
नर्मदा एक्सप्रेस जिन-जिन स्टेशनों से गुजरी थी, वहां भी पुलिस टीम जाकर सीसीटीवी और चश्मदीद गवाहों से जानकारी इकट्ठा करेगी। आखिरी लोकेशन भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन के पास मिली थी, लेकिन सीसीटीवी फुटेज साफ न होने से जांच में दिक्कत आ रही है।
अब तक का घटनाक्रम
28 वर्षीय अर्चना 7 अगस्त को नर्मदा एक्सप्रेस के बी-3 कोच में बर्थ नंबर 3 पर सवार हुई थी। कटनी पहुंचने पर उसका बैग और राखी तो मिली, लेकिन वह खुद गायब थी। एक गवाह का दावा है कि उसने अर्चना को एक युवक के साथ बैंगलोर जाने वाली ट्रेन में चढ़ते देखा था। कटनी यूथ कांग्रेस ने सूचना देने वाले को 51 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।